रायपुर में भाजपा नेता की दबंगई : गुढ़ियारी थानेदार के दफ्तर में घुसकर की तोड़फोड़, देखते रह गए पुलिसकर्मी
रायपुर में एक कथित भाजपा नेता द्वारा थानेदार के दफ्तर में जाकर गुंडागर्दी करते हुए तोड़फोड़ करने की घटना सामने आई है। मामला गुढ़ियारी थाने का है। बताया गया कि पुलिस ने प्रतिबंध के बाद भी डीजे बजाने के मामले में कार्रवाई करते हुए गाड़ी सहित डीजे सिस्टम को जब्त किया। इसे लेकर एक भाजपा नेता अपने कुछ समर्थकों के साथ थाने जा पहुंचा और पहले थानेदार से डीजे को जब्ती बनाए जाने की बात पर जमकर विवाद किया। इसके बाद अपनी पहुंच का हवाला देते हुए जब्त डीजे को छोड़ने के लिए दबाव डाला। थानेदार ने जब उसकी बात नहीं मानी तो वह गुंडागर्दी पर उतर आया और दफ्तर में ही तोड़फोड़ कर दी। हालांकि इस घटना के बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस द्वारा समाचार लिखे जाने तक कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को शुभांकर नामक व्यक्ति अपने कुछ साथियों के साथ थाने पहुंचा और बिना अनुमति लिए सीधे थाना प्रभारी के दफ्तर में प्रवेश किया। उस समय थाना प्रभारी अपने दफ्तर में ही बैठे हुए थे। शुभांकर ने थाना प्रभारी से कहा कि पुलिस की टीम डीजे गाड़ी पर कार्रवाई कर जब्ती बनाकर थाने लेकर आई है। इस डीजे-गाड़ी को उसने थाना प्रभारी को छोड़ने के लिए कहा।
थाना प्रभारी ने जब डीजे गाड़ी को छोड़ने से इंकार कर दिया तो इस बात पर नेता ने अपनी पहुंच का हवाला देते हुए थाना प्रभारी से तेज आवाज में बातचीत करते हुए दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद भी जब थाना प्रभारी नहीं माने तो इसे लेकर वह गुस्से में आकर थाना प्रभारी के दफ्तर में ही तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया। इससे पहले कि पुलिस कुछ समझ पाती, वह तोड़फोड़ कर वहां से चला गया। सूत्र के अनुसार, कथित भाजपा नेता से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस भी इस मामले में कार्रवाई करने से बच रही है। यही कारण है कि घटना के कई घंटों बाद भी मामले में कोई अपराध दर्ज नहीं किया गया है।
थाना प्रभारी के दफ्तर में की गई तोड़फोड़ से शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। भाजपा नेता ने दफ्तर में लगी एलईडी टीवी, वायर-केबल, टेबल, कुर्सी को तोड़फोड़ की है। तोड़फोड़ की घटना के समय थाने में मौजूद थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस कर्मचारी भी हैरान थे। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अपनी नेतागिरी की धौंस दिखाते हुए दफ्तर में तोड़फोड़ की। इसे देखते हुए पुलिस भी कुछ समय के लिए उसे रोक नहीं पाई। यहीं कारण है कि तोड़फोड़ करने के बाद भी उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
