क्रिकेटर सूर्यकुमार की मूर्ति लेकर बालोद से मुंबई पहुंचा फैन, फसल बेचकर बनवाई, 1300km सफर कर मिलने पहुंचा

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से क्रिकेट दीवानगी और राष्ट्रभक्ति का अनोखा मामला सामने आया है. अर्जुंदा तहसील के ग्राम देवगहन निवासी किसान और पूर्व सरपंच लोकेंद्र साहू सड़क मार्ग से 1300 किलोमीटर की दूरी तय कर भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के मुंबई स्थित आवास पहुंचे. मौका था सूर्यकुमार यादव के जन्मदिन का, जहां किसान ने उन्हें सीमेंट से बनी 4 क्विंटल की आदमकद मूर्ति भेंट की. मालवाहक गाड़ी में रखी इस विशाल प्रतिमा को देखकर सूर्यकुमार यादव भी हैरान रह गए. उन्होंने किसान का आभार जताते हुए बातचीत का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया और कहा कि मूर्तिकारों ने चेहरे की बारीकियों को हूबहू पकड़ा है. क्रिकेटर ने लोकेंद्र को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही छत्तीसगढ़ आकर उनके परिवार से मुलाकात करेंगे.

लोकेंद्र साहू का यह प्रयास केवल खेल प्रेम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा राष्ट्रप्रेम जुड़ा है. पूर्व क्रिकेटर रहे लोकेंद्र ने अपने खेत में 18 शहीद जवानों की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित कराई हैं. अपने निजी 10 लाख रुपए खर्च कर देवगहन में उन्होंने ये प्रतिमाएं लगाई हैं. इनमें कारगिल युद्ध, 26/11 मुंबई हमला, पुलवामा, गलवान घाटी और छत्तीसगढ़ के नक्सल हमलों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवान शामिल हैं.

लोकेंद्र साहू का लक्ष्य नई पीढ़ी में देशभक्ति का जज्बा जगाना है. वे चाहते हैं कि इन शहीद प्रतिमाओं का अनावरण किसी भारतीय क्रिकेटर के हाथों संपन्न हो. इसी उद्देश्य से वे शहीद परिवारों के साथ लगातार प्रयासरत हैं और इससे पहले भारत रत्न सचिन तेंदुलकर से भी मिलने की कोशिश कर चुके हैं.

लोकेंद्र साहू ने बताया कि सूर्यकुमार यादव को भेंट की गई इस भव्य प्रतिमा का निर्माण बालोद के स्थानीय मूर्तिकार नरेंद्र देवांगन और अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के जयपाल ठाकुर ने मिलकर किया है. 25 साल पहले खुद भारतीय टीम में खेलने का सपना लेकर मुंबई में ट्रेनिंग लेने वाले लोकेंद्र साहू का यह समर्पण अब पूरे देश में मिसाल बन चुका है.