पीएम मोदी बोले- समाज के लिए काम करें, वोटबैंक की राजनीति के लिए नहीं
पीएम मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम गांधी जी के जीवन की ओर देखते हैं, तो वे अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने और आजादी का आंदोलन चलाने के साथ-साथ एक बड़े सामाजिक सुधारक भी थे। समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ उन्होंने हमेशा काम किया। इसलिए हमें भी समाज में निरंतर सुधार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए काम करते रहना चाहिए, केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए नहीं।
दरअसल, दो बाइक रैलियों को 17 सितंबर को पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर रवाना किया गया था। एक रैली उनके जन्मस्थान वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर के लिए निकली है। दोनों यात्राएं 7 अक्टूबर को पूरी होंगी। ये रैलियां मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को चिह्नित करने के लिए निकाली जा रही हैं।
बीते 12 साल में भारत में शहरों और गांवों के बीच जो गैप था, वह काफी कम हुआ है।आज गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है। हमारी बहनों और बेटियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
कल मुझे वडनगर से निकले सेवा यात्रियों की सभी टोलियों से संवाद करने का मौका मिला। आज काशी से मेरे गांव जा रही सेवा यात्रियों की टोली से भी बात करने का मौका मिला।
वडनगर ने मुझे जीवन के संस्कार दिए और काशी ने मेरे संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग भरे हैं। मुझे संतोष है कि आप सभी युवा साथी भी इस यात्रा को सेवा के अनेक रंगों से सराबोर कर रहे हैं।
सेवा यात्राओं ने मेरे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश का शायद ही कोई ऐसा जिला होगा, जहां जाने का मुझे अवसर न मिला हो। ऐसे अनगिनत जिले हैं, जहां मुझे रात बिताने का भी मौका मिला है। हर यात्रा और रास्ते में मिले अनुभव आज भी गुरु की तरह मेरा मार्गदर्शन करते हैं। इन यात्राओं ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है।
आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म-जयंती भी है। पंडित दीनदयाल जी हमें हमेशा चरैवति-चरैवति का संदेश देते रहे। वे खुद भी लगातार यात्रा करते रहे। एक सेवा यात्री के रूप में लगातार चलते रहना ही हमारा लक्ष्य है और इसके लिए हमें पंडित दीनदयाल जी से प्रेरणा मिलती है।
पीएम मोदी ने 24 सितंबर को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सेवा यात्रा में शामिल बाइकर्स से बातचीत की थी। 10 ग्रुप में बाइक सवार वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा कर रहे हैं।
बाइकर्स से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने एक पुरानी कहावत का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति यात्रा से लौटता है और आप उसे नमन करते हैं, तो उस यात्रा से मिला आधा आध्यात्मिक पुण्य सम्मान करने वाले व्यक्ति को भी मिलता है। इसलिए आज इन सभी सेवा यात्रियों को नमन करके मैं भी उस पुण्य का आधा हिस्सा ले रहा हूं।
