फ्रांस से स्पेन तक आग ही आग! कहीं बजट तो कहीं हाउसिंग क्राइसिस से सड़क पर संग्राम

यूरोप के कई हिस्सों में इस वक्त सड़कों पर लोगों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है. फ्रांस में बजट और शिक्षा में फंडिंग को लेकर छात्र पुलिस से भिड़ रहे हैं. वहीं, स्पेन में महंगे घर और बढ़ते किराए के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. इसके अलावा कोसोवो में आजादी की लड़ाई के हीरो माने जाने वाले पूर्व नेताओं से जुड़े युद्ध अपराध के फैसले के खिलाफ भी विरोध हो रहा है. तीनों जगहों पर मुद्दे अलग हैं, लेकिन सरकार के खिलाफ नाराजगी सड़क पर नजर आ रही है.

फ्रांस में स्कूल और कॉलेज के छात्रों में शिक्षा व्यवस्था में पैसों की कमी, शिक्षकों की कमी और खराब सुविधाओं को लेकर नाराजगी है. आंदोलन कई शहरों तक फैल गया है और कई जगह छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई है.

हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया. बेहतर शिक्षा सुविधाओं की मांग को लेकर छात्रों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि कुछ जगहों पर आगजनी की खबरें भी सामने आईं.

रॉयटर्स के मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था, स्टाफ की कमी और महंगाई से कम बढ़े शिक्षा बजट के खिलाफ देशभर में हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.स्पेन में हाउसिंग क्राइसिस ने लोगों की नाराजगी बढ़ा दी है. किरायेदारों को राहत देने वाले सरकार के प्रस्ताव संसद में खारिज होने के बाद कई शहरों में बड़े प्रदर्शन हुए.

बार्सिलोना में मार्च के बाद हालात बिगड़ गए और प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई. सूत्रों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों पर बोतल, कुर्सियां और पत्थर फेंके. कुछ जगहों पर हालात इतने बिगड़े कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को पीछे धकेलकर आग की बैरिकेडिंग भी की. कोसोवो की राजधानी प्रिस्टिना में पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची और KLA के तीन पूर्व कमांडरों को युद्ध अपराधों में सजा दिए जाने के बाद विरोध तेज हो गया. संसद में हेग स्थित स्पेशलिस्ट चैंबर्स के अधिकार सीमित करने के प्रस्ताव पर चर्चा के बीच प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए. यहां भी पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

इस तरह यूरोप के अलग-अलग हिस्सों में इस वक्त सरकार और व्यवस्था से जुड़ी अलग-अलग वजहों से लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दे रहा है. कहीं शिक्षा बजट और सुविधाओं का मुद्दा है, कहीं घर और किराए का संकट, तो कहीं युद्ध अपराध के फैसले के खिलाफ विरोध हो रहा है.