अभिजीत दीपके की दादी का निधन, दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं CJP नेता

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. अभिजीत फिलहाल दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं और इसी बीच महाराष्ट्र में उनकी दादी का निधन हो गया. उन्होंने हिंगोली जिले के अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में आखिरी सांस ली. बताया गया है कि उनकी दादी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं. परिवार पहले ही अभिजीत की हिरासत को लेकर परेशान था. अब घर के बुजुर्ग सदस्य के निधन से परिवार को एक और बड़ा सदमा लगा है. एक तरफ दिल्ली में अभिजीत की हिरासत और उनके प्रदर्शन को लेकर घटनाक्रम जारी है. दूसरी तरफ महाराष्ट्र में परिवार इस दुखद घटना का सामना कर रहा है.

अभिजीत दीपके 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे. वह मुंबई से दिल्ली आए थे. लेकिन जानकारी के मुताबिक दिल्ली पहुंचने से पहले ही उन्हें फ्लाइट के भीतर हिरासत में ले लिया गया. उनके साथ CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया. पुलिस ने पहले उन्हें समझाने की कोशिश की थी. हालांकि जब वे नहीं माने तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया. अभिजीत के माता-पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि फ्लाइट के भीतर इस तरह हिरासत में लेना गलत है. परिवार की चिंता अब अभिजीत की हिरासत के साथ दादी के निधन से भी बढ़ गई है.

अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था. CJP का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में अनियमितताएं हुई हैं. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है. प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अभिजीत मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. उनके साथ सौरव दास और आशुतोष रांका भी थे. तीनों को पुलिस ने हिरासत में लिया. इस कार्रवाई के बाद CJP के प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत को लेकर सवाल उठने लगे.

अभिजीत की दादी हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में रहती थीं. वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं. इसी दौरान उनका निधन हो गया. परिवार के लिए यह समय बेहद मुश्किल है. अभिजीत की हिरासत को लेकर परिजन पहले से चिंतित थे. अब दादी की मौत ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है.

अभिजीत के माता-पिता ने बेटे को हिरासत में लिए जाने पर नाराजगी जताई. उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनके बेटे ने ऐसा क्या अपराध किया था कि उसे फ्लाइट में ही हिरासत में ले लिया गया. पिता ने कहा कि उनके मुताबिक देश में पहली बार किसी छात्र को फ्लाइट से इस तरह गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि गंभीर अपराधों के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती लेकिन उनके बेटे को तुरंत हिरासत में ले लिया गया.
परिवार की ओर से पुलिस कार्रवाई पर लगाए गए आरोपों के बीच अभिजीत की दादी के निधन ने मामले को और भावुक बना दिया है. फिलहाल परिवार के सामने एक तरफ बेटे की हिरासत की चिंता है और दूसरी तरफ घर में हुए निधन का दुख.