सऊदी अरब पर 10 साल में सबसे बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों ने रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल दागी
यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार रात सऊदी अरब में रियाद एयरपोर्ट पर हमला किया। इसमें एक भारतीय समेत 13 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए। इसके बाद सऊदी सरकार ने रियाद एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन रोक दिया। हालांकि अगले ही दिन रविवार को हूती विद्रोहियों ने घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले टर्मिनल पर हमला कर दिया। इसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई।
10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुआ हमला पिछले एक दशक में सऊदी अरब पर सबसे बड़ा हमला था। इससे पहले मई 2015 में एक सऊदी के कातिफ में एक शिया मस्जिद पर हमला हुआ था जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई थी। इसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।
हूती विद्रोहियों के हमले के बाद रियाद एयरपोर्ट की इंटरनेशनल उड़ानें शनिवार से ही बंद हैं। विद्रोहियों ने एयरपोर्ट और सऊदी के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी है। रविवार को एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 और टर्मिनल-4 पर हमला हुआ। यहां से घरेलू उड़ानें संचालित होती हैं।
एयरपोर्ट पर मौजूद एक यात्री के मुताबिक, रविवार रात करीब 8:30 बजे एक गोला रनवे पर गिरा। यह कई खड़े विमानों के पास गिरा, जिससे वहां आग लग गई। उस समय यात्री विमान रनवे पर पार्किंग की जगह की ओर बढ़ रहा था। हूतियों का कहना है कि वे यमन के गृहयुद्ध में सऊदी अरब की भूमिका के विरोध में हमले कर रहे हैं। हूतियों का कहना है कि सऊदी अरब के एयरपोर्ट को फिर निशाना बनाया जा सकता है।
सऊदी अरब पर बढ़ते हमले के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और दूसरे सऊदी एयरपोर्ट के लिए उड़ानें रोक दी हैं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रियाद एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों और उनके इस्तेमाल वाली जगहों को बार-बार निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए।
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर भारतीयों को सतर्क रहने, जरूरत पड़ने पर घरों के अंदर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह भी दी है।
