‘कुर्सी की चाहत पाले, दरी बिछाने में लगे… ‘, अखिलेश यादव पर यूपी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कसा तंज

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है.

दरअसल, यूपी के मंत्री राजभर ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान वायरल हुई अखिलेश यादव की तस्वीर को लेकर तंज कसा. उन्होंने कहा कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं के बीच अखिलेश यादव की असली हैसियत सामने आ गई है. राजभर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का सफाया हो जाएगा.

ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने पोस्ट की शुरुआत करते हुए लिखा, ‘प्रिय अखिलेश यादव जी, दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं?’ राजभर ने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए उसे ‘ठगबंधन’ बताया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में अखिलेश यादव के दोस्तों ने उन्हें उनकी असली हैसियत दिखा दी है.

यूपी मंत्री राजभर ने अखिलेश यादव की स्थिति की तुलना एक बारात में जबरन बैठाए गए व्यक्ति से की. उन्होंने लिखा कि ऐसा लग रहा है, जैसे अखिलेश यादव को बरात वाले ट्रैक्टर पर जबरन बैठा दिया गया हो. उन्होंने उनकी तुलना दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा से भी की.

राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव पर राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कुर्सी पाने की इच्छा रखते हैं, लेकिन उन्हें दरी बिछाने का काम करना पड़ रहा है. राजभर ने लिखा कि विपक्ष की राजनीति में अब राहुल गांधी के हाथ में कमान चली गई है.

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इससे उन्हें सम्मान मिलने के बजाय बेइज्जती का सामना करना पड़ रहा है. राजभर ने सवाल किया कि जब चुनाव उत्तर प्रदेश में होना है, तो अखिलेश यादव दिल्ली की दौड़ क्यों लगा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए लिखा, ‘दूसरे की बरात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?’ उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में विपक्ष के नेताओं से अखिलेश यादव को कोई फायदा नहीं होने वाला है. मंत्री राजभर का कहना है कि दिल्ली के नेता अपने मतलब के लिए साथ हैं और अखिलेश यादव को उनसे तिरस्कार ही मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह अखिलेश यादव दिल्ली में विपक्षी नेताओं की भीड़ में खो गए हैं, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी उनकी राजनीतिक पहचान कमजोर पड़ सकती है.

राजभर ने अपनी पोस्ट के आखिर में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का जिक्र किया. उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का सफाया होने जा रहा है.