अल-नीनो की मार से धधक रहा इंडोनेशिया, जंगलों में भीषण आग, पीला-नांरगी हुआ आसमान
इंडोनेशिया में जंगलों में लगी आग से हालात गंभीर हो गए हैं. सुमात्रा और कालीमंतन द्वीपों के कई इलाकों में आग फैल रही है. इससे आसमान में घना धुआं छा गया है और कई जगह आसमान नारंगी दिखाई दे रहा है. इस आग से उठने वाला धुआं अब मलेशिया और सिंगापुर तक पहुंच रहा है. इससे वहां भी हवा खराब हो रही है और लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ रहा है. मौसम में बदलाव और बढ़ते सूखे के बीच जंगलों में आग फैलने की समस्या और गंभीर हो गई है. इस पूरे मामले में अल-नीनो की अहम भूमिका है. अल-नीनो के कारण दुनिया के कई हिस्सों में मौसम का सामान्य पैटर्न बदल जाता है. इंडोनेशिया में इसके असर से बारिश कम होने, गर्मी बढ़ने और सूखे की स्थिति बनने का खतरा रहता है, जिससे जंगलों में आग तेजी से फैल सकती है. अल-नीनो प्रशांत महासागर के पानी के तापमान में होने वाला बदलाव है. इसका असर दुनिया के अलग-अलग देशों में बारिश और तापमान पर पड़ता है. जब किसी इलाके में लंबे समय तक बारिश नहीं होती और गर्मी बढ़ती है, तो पेड़-पौधे और जमीन सूखने लगते हैं. ऐसे में आग लगने पर उसे रोकना मुश्किल हो जाता है. इंडोनेशिया में आग फैलने की वजह सिर्फ अल-नीनो नहीं है. कई जगह खेती के लिए जमीन खाली करने के दौरान पेड़-पौधों को जलाया जाता है. सूखे मौसम में ऐसी आग तेजी से फैलकर आसपास के जंगलों तक पहुंच सकती है और बड़े इलाके को नुकसान पहुंचा सकती है.
इंडोनेशिया के कुछ इलाकों में पीट जमीन पर भी आग लगी है. इस जमीन में पुराने पेड़-पौधों के अवशेष जमा होते हैं. सूखे के कारण यह जमीन भी सूख सकती है और आग लगने पर जमीन के अंदर तक सुलगती रह सकती है, जिससे आग बुझाना मुश्किल हो जाता है. जंगलों की आग से निकलने वाला धुआं लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक है. इसमें PM2.5 नाम के बहुत छोटे कण होते हैं, जो सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं. इससे खांसी, गले में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है. आग से जंगलों में रहने वाले जानवरों को भी नुकसान हो रहा है. पेड़-पौधे जलने से उनके रहने की जगह और खाने के साधन कम हो सकते हैं. ओरंगुटान जैसे जानवरों के लिए यह बड़ा खतरा है, क्योंकि वे जंगलों पर ही निर्भर रहते हैं.
इंडोनेशिया में आग बुझाने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लगाया गया है. हेलिकॉप्टर और विमानों से पानी गिराकर भी आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है. अल-नीनो से मौसम में होने वाले बदलाव और सूखे के बीच आग को रोकने के लिए जंगलों की निगरानी करना भी जरूरी है
