मां की 60 साल पुरानी पेंटिंग ने परिवार को बनाया मालामाल
घर की दीवार पर लगी कोई पेंटिंग हमारे लिए सिर्फ सजावट का सामान हो सकती है. कई बार हम सालों तक उसे देखते रहते हैं, लेकिन उसकी असली कीमत से अनजान होते हैं. न्यूयॉर्क की एक महिला के परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. घर में करीब 60 साल से टंगी एक पुरानी पेंटिंग को परिवार मामूली Artwork समझता था, लेकिन जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उसकी पहचान करने की कोशिश की गई, तो ऐसा राज खुला जिसने सबको हैरान कर दिया. कभी महज 100 डॉलर में खरीदी गई इस पेंटिंग की नीलामी करीब 2.5 करोड़ रुपये में हुई.
यह कहानी न्यूयॉर्क की आर्ट टीचर हेलेन प्लॉटकिन की है. साल 1966 में वह एक सेकंड हैंड सामान की दुकान पर गई थीं. वहां उन्हें एक पेंटिंग पसंद आई और उन्होंने उसे सिर्फ 100 डॉलर में खरीद लिया. इसके बाद यह पेंटिंग उनके घर की दीवार पर सज गई. परिवार के लिए यह एक खूबसूरत कलाकृति थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इसके पीछे कला की दुनिया से जुड़ा एक खास इतिहास छिपा हुआ है.
पेंटिंग की पहचान करना आसान नहीं था. उस पर कलाकार के हस्ताक्षर इतने धुंधले हो चुके थे कि उन्हें पढ़ना मुश्किल था. परिवार ने कई बार यह जानने की कोशिश की कि इसे किसने बनाया है, लेकिन कोई पक्की जानकारी नहीं मिल पाई. पेंटिंग के पीछे लगे लेबल पर ‘Portrait of Miss Don Wauchope’ लिखा था. इसी नाम के आधार पर लंबे समय तक इसे पहचाना जाता रहा. फिर साल 2025 में कहानी ने नया मोड़ लिया. हेलेन के बेटे बैरी ने पेंटिंग की पहचान का पता लगाने के लिए गूगल के AI टूल जेमिनी की मदद ली. AI ने पेंटिंग पर बने धुंधले हस्ताक्षरों को समझने की कोशिश की और उसके पीछे लगे लेबल की जांच करने का सुझाव भी दिया. इसके बाद परिवार ने पुराने नीलामी रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए.
जांच के दौरान पता चला कि इस पेंटिंग को 1966 में गलत नाम के साथ नीलामी में बेचा गया था. उस समय इसकी कीमत सिर्फ 21 पाउंड थी. यह जानकारी मिलने के बाद परिवार ने स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग स्थित नीलामी घर लियोन एंड टर्नबुल से संपर्क किया.
विशेषज्ञों की जांच में सामने आया कि यह पेंटिंग स्कॉटिश कलाकार फ्रांसिस कैंपबेल बोइल्यू की बनाई हुई है. साल 1920 में तैयार की गई इस कलाकृति का नाम ‘Interior: The Lady in Black’ है. इसमें एक महिला लाल रंग की कुर्सी पर बैठी नजर आती है. जांच में यह भी पता चला कि पेंटिंग में दिखाई गई महिला मे ईस्टर थीं, जो कलाकार के लिए मॉडल के तौर पर काम करती थीं.
आखिरकार जून 2026 में एडिनबर्ग में इस पेंटिंग की नीलामी हुई. इसकी कीमत 1,89,200 पाउंड लगी, जो भारतीय मुद्रा में करीब 2.5 करोड़ रुपये है. जिस पेंटिंग को परिवार दशकों से घर की दीवार पर देख रहा था, वही एक दिन इतनी बड़ी रकम दिला गई. यह कहानी दिखाती है कि कभी-कभी हमारे आसपास मौजूद पुरानी चीजों में भी अनमोल इतिहास छिपा होता है. सही जानकारी और AI जैसी तकनीक की मदद से उस छिपी हुई पहचान को सामने लाया जा सकता है.
