प्रोटेस्ट कर रहे दिल्ली पुलिस के ACP सस्पेंड, अपने महकमे के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी!

दिल्ली पुलिस ने असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर पुलिसकर्मियों के प्रोटेस्ट के बाद की गई है. सोमवार को महिला अफसरों समेत करीब 150 दिल्ली पुलिसकर्मियों ने प्रोटेस्ट किया था. प्रोटेस्ट कर रहे पुलिस के जवानों ने मनस्वी वशिष्ठ और एक अन्य अफसर का ट्रांसफर रद्द कर उन्हें पुरानी पोस्टिंग पर दोबारा बहाल करने की मांग की थी.

यह पूरा विवाद शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से शुरू हुआ, जहां वकील ललित बंसल को कथित तौर पर हाथापाई के दौरान सिर में गंभीर चोट लगी थी. घटना के बाद पुलिस स्टेशन में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव देखने को मिला, जिसके चलते डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की.

इसके बाद, मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार के ट्रांसफर के फैसले के बाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकीलों ने एफआईआर और शिकायतों पर दो महीने की जांच के आश्वासन पर अपनी हड़ताल वापस ली. वहीं, इस फैसले से दिल्ली पुलिस के निचले रैंक के कर्मियों में भारी नाराजगी फैल गई.

सोमवार को प्रोटेस्ट कर रहे पुलिसकर्मियों ने दोनों अफसरों को उनकी पुरानी पोस्टिंग पर बहाल करने की मांग की.

बता दें, मनस्वी वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को लेटर लिखकर ओपन हाउस यानी संपर्क सभा की मांग की थी. दिल्ली पुलिस ने 28 अक्टूबर को मनस्वी वशिष्ठ का ट्रांसफर किया था, जो गांधी नगर में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर के तौर पर तैनात थे.

उन्हें स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में भेजा गया. शाहदरा पुलिस स्टेशन के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार का ट्रांसफर सिक्योरिटी यूनिट में कर दिया गया था.