वीडियोकॉन के पूर्व प्रमोटर्स वेणुगोपाल धूत दिवालिया घोषित, 12668 करोड़ का है कर्ज

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रमोटर और डायरेक्टर वेणुगोपाल नंदलाल धूत को दिवालिया घोषित कर दिया है. इनके ऊपर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसके सहयोगी बैंकों से मिली कुल 12,668.06 करोड़ रुपये का कर्ज है. एनसीएलटी ने इस क्रेडिट को नहीं चुका पाने के कारण दिवालिया घोषित किया है.

NCLT की मुंबई बेंच ने SBI की इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के सेक्शन 121 के तहत फाइल की गई बैंकरप्सी एप्लीकेशन को स्वीकार कर लिया. यह ऑर्डर धूत के पर्सनल इन्‍सॉल्‍वेंसी रिजॉल्‍यूशन प्रॉसेस के फेल होने के बाद आया है, क्योंकि क्रेडिटर्स ने पहले 36 महीने के समय में 600 करोड़ रुपये देकर बकाया देनदारियों को निपटाने के उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया था.

ट्रिब्‍यूनल के धूत की पर्सनल प्रॉपर्टी को मैनेज करने और बांटने के लिए इन्‍सॉल्‍वेंसी प्रोफेशनल आशीष नारायण को बैंकरप्‍सी ट्रस्‍टी अपॉइंट किया. एनसीएलटी के जारी किए गए निर्देशों के तहत, धूत की पूरी प्रॉपर्टी अब ट्रस्‍टी के पास है, जिसे क्रेडिटर्स से क्लेम मंगाने के लिए एक पब्लिक नोटिस जारी करने और 90 दिनों के अंदर ट्रिब्यूनल को एक शुरुआती रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया है.

धूत ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (VIL) और वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड (VTL) को मिली क्रेडिट सुविधाओं के लिए पर्सनल गारंटी दी थी. SBI की फाइलिंग के अनुसार, 30 सितंबर, 2026 तक कुल बकाया रकम 12,668.06 करोड़ रुपये है. इस कुल आंकड़े में रुपया टर्म लोन सुविधा के तहत 9,322.10 करोड़ रुपये, VTL सुविधा के तहत 1,437.76 करोड़ रुपये और वर्किंग कैपिटल सुविधा के तहत 1,908.19 करोड़ रुपये शामिल हैं.

वीडियोकॉन ग्रुप की कंपनियों के फाइनेंशियल संकट में आने के बाद लोन अकाउंट्स में शुरू में डिफ़ॉल्ट हुआ था, जिसके कारण जून 2018 में वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन की कार्रवाई शुरू हुई् .इसके बाद SBI ने धूत के खिलाफ पर्सनल गारंटी को इनवॉइस किया और बकाया रकम वसूलने के लिए NCLT का रुख किया. कोर्ट ने धूत को सात दिनों के अंदर बैंकरप्सी ट्रस्टी को अपनी फाइनेंशियल स्थिति का पूरा स्टेटमेंट देने का निर्देश दिया है.