पश्चिम बंगाल के तालाब में सैकड़ों आधार कार्ड मिले, भाजपा ने कहा- ये फर्जी दस्तावेज

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बीच सैकड़ों आधार कार्ड एक तालाब में मिला है। मामला बर्धमान जिले के ललितपुर इलाके का है। इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी आमने-सामने आ गई है। ललितपुर में लोग एक तालाब की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान तालाब के पानी में एक बड़ा बोरा मिला। इसमें कई आधार कार्ड थे। बंगाल भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसका वीडियो शेयर किया। BJP ने कैप्शन में लिखा- ममता बनर्जी सत्ता के सिंहासन पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए देश की संप्रभुता से भी समझौता करने को तैयार हैं। हजारों फर्जी आधार कार्डों की बरामदगी ने उजागर कर दिया है कि उनके शासन ने भारत की पहचान प्रणाली को किस हद तक खतरे में डाल दिया है।

दूसरी तरफ दक्षिण 24 परगना जिले में एक व्यक्ति ने मतदाता सूची से नाम हटने के डर से आत्महत्या कर ली। मृतक सफीकुल गाजी पिछले कुछ महीनों से भांगड़ में ससुराल में रह रहे थे। परिजनों ने बताया कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने के बाद दहशत में थे। गाजी को डर था कि उनके पास वैध पहचान पत्र न होने के कारण उन्हें देश से निकाल दिया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस ने इसे SIR को लेकर राज्य में 8वीं आत्महत्या बताया और भाजपा पर भय फैलाने का आरोप लगाया।

टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर के नेतृत्व में मातुआ समुदाय के एक गुट ने बांग्लादेश से आए सभी शरणार्थियों को बिना शर्त नागरिकता देने की मांग पर ठाकुरनगर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। भाजपा नेता शंतनु ठाकुर ने इसे वोट राजनीति बताया, जबकि टीएमसी CAA का विरोध जारी रखे हुए है।