जयपुर समेत 3-जिलों में रोजाना 80,000 लीटर मिलावटी दूध की सप्लाई, फैक्ट्री में कास्टिक सोडा मिलाकर रख रहे थे फ्रेश

 राजस्थान : राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के तीन जिलों में मिलावटी दूध की बड़े पैमाने पर सप्लाई का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। टोंक जिले में पुलिस ने एक अवैध फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए रोजाना करीब 80 हजार लीटर मिलावटी दूध तैयार कर जयपुर, अजमेर और टोंक में सप्लाई किए जाने का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में जिला स्पेशल टीम (DST) ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। DST की टीम ने सोमवार देर रात डिग्गी कस्बे में बागर की ढाणी, देशमा रोड के पास संचालित फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई का खुलासा मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे किया गया। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से करीब 5500 लीटर मिलावटी दूध, दूध से भरी पांच पिकअप गाड़ियां और एक दूध का टैंकर जब्त किया गया। पुलिस ने मिलावटी दूध बनाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक केमिकल और अन्य सामग्री भी जब्त की है। इनमें 2100 लीटर सोयाबीन ऑयल, 500 लीटर वनस्पति घी, 550 किलोग्राम मलाई उतरे दूध का पाउडर, 2500 किलो लैक्टोज मोनोहाइड्रेट और 105 किलो कास्टिक सोडा शामिल है। मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुर्जर को बुलाकर दूध के सैंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। डिग्गी रोड थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।

DST प्रभारी ने बताया कि आरोपी पानी में स्किम्ड मिल्क पाउडर और लैक्टोज मिलाकर दूध जैसा रंग तैयार करते थे। दूध को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए साबुन बनाने में इस्तेमाल होने वाला कास्टिक सोडा मिलाया जाता था। फैट बढ़ाने के लिए वनस्पति घी, पाम ऑयल और सोयाबीन ऑयल का उपयोग किया जा रहा था।

जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री से रोजाना करीब 80 हजार लीटर मिलावटी दूध जयपुर, अजमेर और टोंक में सप्लाई किया जा रहा था। दूध को अलग-अलग टैंकरों में भरकर विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता था। पुलिस ने मौके से राजू, कालू, महिपाल, शिवराज और ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया है। कालू को छोड़कर बाकी चार आरोपी अजमेर जिले के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार अवैध फैक्ट्री का संचालन बहरोड़ निवासी सोनू यादव कर रहा था, जिसकी तलाश की जा रही है।

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