बस और बाइकों के बाद अब ट्रेन में भी सफर करना महंगा, 50 रुपए तक बढ़ सकता है इन ट्रेनों का किराया…देंखे

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नई दिल्लीः बस और बाइकों के बाद अब ट्रेन में भी सफर करना महंगा पड़ सकता है। दरअसल, रेलवे बोर्ड डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों के किराए में बढ़ोत्तरी की तैयारी कर रहा है। ऐसे में डीजल इंजन वाले ट्रेनों का किराया बढ़ सकता है। बताया जा रहा है कि इन ट्रेनों के यात्री किराए में 10 रुपये से 50 रुपये तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है।

दरअसल, रेलवे बोर्ड डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों पर 10 रुपये से 50 रुपये के बीच हाइड्रोकार्बन सरचार्ज (HCS) या डीजल टैक्स लगाने की योजना बना रहा है। यह सरचार्ज उन ट्रेनों पर लागू होगा जो डीजल इंजनों का इस्तेमाल कर आधी से ज्यादा दूरी तक चलेंगी। यह ईंधन आयात के प्रभाव को कम करने के लिए किया जा रहा है, जो तेल की बढ़ती लागत से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक AC क्लास के लिए 50 रुपये, स्लीपर क्लास के लिए 25 रुपये और जनरल क्लास के लिए न्यूनतम 10 रुपये फीस तीन कैटेगरी के तहत ली जाएगी। उपनगरीय रेल यात्रा टिकटों पर ऐसा कोई अधिभार नहीं लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को उन ट्रेनों की पहचान करने का निर्देश दिया है जो निर्धारित दूरी का 50 प्रतिशत डीजल से चलती हैं। इस सूची को हर तीन महीने में संशोधित किया जाना है। हालांकि 15 अप्रैल से पहले बुक किए गए टिकटों पर सरचार्ज लगाने के बारे में अभी कोई स्पष्टता नहीं है।