दिल्ली-NCR में हवा खराब! GRAP-1 की पाबंदियां लागू

दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण बढ़ने लगा है. हवा की रफ्तार कम रहने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो सकते हैं, जिससे हवा की क्वालिटी खराब बनी रहने की आशंका है. फिलहाल मौसम में जल्द राहत मिलने के आसार नहीं हैं. ऐसे में हवा की रफ्तार बढ़ने तक दिल्ली-NCR के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम है. हवा की क्वालिटी खराब होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण यानी GRAP-1 लागू कर दिया. आयोग ने सभी संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण पर काबू पाने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने और हवा की क्वालिटी पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं.

CAQM के आदेश के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 20 अक्टूबर को 179 था, जो मॉडरेट कैटेगरी में आता है. लेकिन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 244 पहुंच गया. इसके साथ ही दिल्ली की हवा खराब कैटेगरी में दर्ज की गई.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी दिल्ली की हवा खराब कैटेगरी में रह सकती है. प्रदूषण के मौजूदा हालात और मौसम के पूर्वानुमानों की समीक्षा के बाद GRAP उप-समिति ने पूरे NCR में पहले चरण के उपाय तत्काल लागू करने का फैसला लिया.

आदेश में संबंधित एजेंसियों से प्रदूषण रोकने के उपायों पर सख्ती से अमल करने, निगरानी बढ़ाने और AQI पर नियमित नजर रखने को कहा गया है. इसका मकसद हवा की क्वालिटी को और खराब होने से रोकना है. आयोग ने लोगों से भी GRAP-1 के तहत जारी सिटीजन चार्टर का पालन करने की अपील की है.

CAQM की उप-समिति प्रदूषण के हालात और मौसम के पूर्वानुमानों की लगातार समीक्षा करती रहेगी. हवा की क्वालिटी में बदलाव के आधार पर आगे के कदमों पर फैसला लिया जाएगा. GRAP-1 लागू करने का आदेश दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है. सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.

GRAP-1 के तहत क्या-क्या पाबंदियां लागू होती हैं?

– तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक: होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानों पर तंदूर में कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. इसके बजाय बिजली, गैस या दूसरे साफ ईंधन का इस्तेमाल करना होगा.

– डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर पाबंदी: सामान्य बिजली सप्लाई के लिए डीजल जनरेटर चलाने पर रोक रहेगी. जरूरी और आपातकालीन सेवाओं में नियमों के मुताबिक इन्हें चलाया जा सकेगा.

– वाहनों की सख्त जांच: सड़कों पर वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की जांच तेज की जाएगी. ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी.

– निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपाय: निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. जरूरत के मुताबिक पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रित करने के दूसरे उपाय किए जाएंगे.

– खुले में कचरा जलाने पर रोक: सड़कों, खाली प्लॉट और दूसरी खुली जगहों पर कूड़ा या अन्य कचरा जलाने की अनुमति नहीं होगी.

– सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव: धूल कम करने के लिए सड़कों की मशीनों से सफाई की जाएगी. साथ ही नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा.

– प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी: संबंधित एजेंसियां प्रदूषण रोकने के नियमों पर नजर रखेंगी और उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करेंगी. लोगों से भी GRAP-1 के तहत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.