Akshaya Tritiya 2022: अक्षय तृतीया पर इन 7 गलतियों के बुरे नतीजे, तिजोरी के धन पर पड़ेगा असर

धर्म

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया को मांगलिक कार्य और खरीदारी के लिए बहुत शुभ माना गया है. अक्षय तृतीया इस वर्ष मंगलवार, 3 मई को मनाई जाएगी. ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि अक्षय तृतीया के दिन कुछ विशेष कार्य करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं. आइए जानते हैं इस दिन कौन से कार्य वर्जित माने जाते हैं.

1. अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा का विधान है. इनकी पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग किया जाता है. ऐसे में तुलसी के पत्तों को तोड़ने से पहले शारीरिक स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना पड़ता है. बिना नहाए तुलसी के पत्ते तोड़ने की भूल ना करें.

2. अक्षय तृतीया के दिन खाली हाथ घर लौटना बहुत ही अशुभ माना जाता है. यदि संभव हो तो चांदी या सोने का कोई आभूषण लेकर ही घर आएं. यदि महंगा आभूषण खरीदना संभव ना हो तो आप धातु से बनी कोई छोटी-मोटी वस्तु भी घर लेकर आ सकते हैं.

3. अक्षय तृतीया के दिन कुछ लोग अनजाने में सिर्फ मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, जबकि उनकी पूजा भगवान विष्णु के साथ होनी चाहिए. दोनों की अलग-अलग पूजा करने के अशुभ परिणाम हो सकते हैं. ऐसा कहा जाता है कि लक्ष्मी संग विष्णु की पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

4. अक्षय तृतीया के दिन धन वाले स्थान की बिना नहाय सफाई ना करें. घर की तिजोरी आदि को बिना नहाय स्पर्श ना करें. घर में शुद्धता और पवित्रता का पूरा ख्याल रखें. दीपावली की तरह घर की सफाई करें और शाम के वक्त मुख्य द्वार पर तेल या घी का दीपक जलाएं.

5. अक्षय तृतीया के दिन घर के किसी कोने में अंधेरा ना रहने दें. घर के जिन हिस्सों में अंधेरा रहता है वहां दीया जरूर जलाएं. इसके अलावा, तुलसी के पौधे और माता लक्ष्मी के सामने भी दीपक जलाएं. ऐसा करने से आपके घर में सदा उनकी अनुकंपा बनी रहेगी.

6. अक्षय तृतीया के दिन ब्रह्मचर्य नियम का पालन करना चाहिए. इस दिन तामसिक चीजों से दूर रहें. लहसुन-प्याज खाने से परहेज करें. केवल सात्विक आहार का ही सेवन करें. किसी के प्रति मन में बुरे विचार या क्रोध की भावना ना लाएं.

7. इसके अलावा, दिन के समय ना सोएं. यदि आपके द्वार पर कोई निर्धन व्यक्ति आए तो उसे खाली हाथ ना जाने दें. उन्हें भोजन कराएं या दान में कोई चीज़ अवश्य दें.