छत्तीसगढ़ में 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात, NH पर 4-5 फीट पानी

छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल, झारखंड और ओडिशा के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के प्रभाव से प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है, जिससे मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। सरकंडा क्षेत्र के लिंगियाडीह में तेज बहाव की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। काफी तलाश के बाद उनका शव झाड़ियों में मिला। वहीं कोटमीसोनार में लीलागर नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण प्रशासन ने एहतियातन मार्ग बंद कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है।

सबसे अधिक असर बिलासपुर जिले में देखने को मिला, जहां पिछले 24 घंटे में 280 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते शहर में करीब दो दशक बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नेशनल हाईवे-49 पर कई स्थानों पर 4 से 5 फीट तक पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। लगातार बारिश के कारण श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, बंधवापारा, जोरापारा, शिवम होम्स सहित कई निचले इलाकों में घरों और सड़कों पर पानी भर गया। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। रेलवे ट्रैक पर जलभराव के चलते 5 मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 3 ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों में उफान तथा सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।