अर्नब का असर, रायपुर-गरियाबंद-रायगढ़ में बारिश, स्कूलों में छुट्टी, 5 जिलों में रेड अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है। रायपुर, रायगढ़ और गरियाबंद समेत कई जिलों में बारिश और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में रेड अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। रायपुर और रायगढ़ में सुबह से बूंदाबांदी हो रही है, जबकि गरियाबंद में देर रात से बारिश जारी है। दुर्ग समेत अन्य इलाकों में भी बादल छाए रहने के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी दी है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका भी जताई गई है। तेज हवाओं की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ इलाकों में इससे अधिक गति की आशंका है।

खराब मौसम के बीच सबसे बड़ी चिंता बस्तर संभाग के उन इलाकों को लेकर है, जहां तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में तूफान का असर अधिक रहने का अनुमान है। निचले इलाकों, कच्चे मकानों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए जगदलपुर समेत बस्तर और सुकमा जिले में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। गरियाबंद और दुर्ग में भी स्कूलों की छुट्टी घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुकमा जिले में मंगलवार रात से बारिश का दौर जारी है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने कच्चे मकानों और अंदरूनी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सरकारी भवनों में राहत शिविर बनाए हैं। कन्या शाला परिसर में वार्ड-12 के नया पारा सुंदर नगर क्षेत्र के करीब 50 लोगों को ठहराया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें हालात पर नजर रख रही हैं। लोगों से खराब मौसम में बेवजह बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर को दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 29 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

राजधानी रायपुर में सुबह से बादल छाए हुए हैं। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान बताया गया है।

तूफान के प्रभाव के बीच दंतेवाड़ा और गरियाबंद में मंगलवार शाम आसमान में लालिमा दिखाई देने की तस्वीरें सामने आईं। दंतेश्वरी मंदिर के आसपास भी आसमान का रंग बदला नजर आया। हालांकि, केवल आसमान में लालिमा दिखाई देने से तूफान की तीव्रता या किसी विशेष मौसमीय घटना की पुष्टि नहीं होती।

उपलब्ध मौसम आंकड़ों के मुताबिक, अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान भी अंबिकापुर में 13.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये आंकड़े रिपोर्ट में दिए गए पिछले मौसम रिकॉर्ड पर आधारित हैं।