अरुणाचल प्रदेश में अवैध मस्जिद को हटाने पर अड़े दक्षिणपंथी संगठन, किया बंद का ऐलान
हिमाचल प्रदेश के संजौली मस्जिद की तरह अरुणाचल प्रदेश के कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने मुस्जिद को हटाने को लेकर विरोध शुरू कर दिया है. मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में भी तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला. अरुणाचल प्रदेश इंडिजिनस यूथ ऑर्गनाइजेशन (APIYO) नाम के संगठन के अध्यक्ष की एक विवादास्पद वीडियो भी वायरल हुई थी, जिसमें वह मस्जिद में घुसकर इमाम और अन्य लोगों को धमकाते हुए दिखाई पड़ा था.
दक्षिणपंथी संगठनों के बंद के ऐलान को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है और पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर दी है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांति भंग न करने की चेतावनी दी है. पुलिस मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) चुखू आपा ने साफ कहा कि बंद को अवैध घोषित किया गया है और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था खराब करने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
IGP ने कहा, “बंद को अवैध और गैरकानूनी घोषित किया गया है. सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. अगर कोई भी व्यक्ति लोगों की आवाजाही रोकने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो सख्त कदम उठाए जाएंगे.”
जिला प्रशासन पहले ही बंद को अवैध घोषित कर चुका है और लोगों से अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रखने की अपील की है. कई सामुदायिक संगठनों और सिविल सोसाइटी समूहों ने भी बंद के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है, खासकर चुनावी अवधि और लोगों की परेशानियों को देखते हुए.
यह बंद तीन संगठनों के जरिये संयुक्त रूप से बुलाया गया है. इनमें इंडिजिनस यूथ फोर्स ऑफ अरुणाचल (IYFA), अरुणाचल प्रदेश इंडिजिनस यूथ ऑर्गनाइजेशन (APIYO) और ऑल नाहरलागुन यूथ ऑर्गनाइजेशन (ANYO) शामिल है. यह तीनों समूह कट्टरपंथी और दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रभावित है. इन तीन ग्रुप्स की मांग है कि नाहरलागुन के निगम कॉलोनी स्थित कैपिटल जामा मस्जिद को हटाया जाए. इसके अलावा राजधानी क्षेत्र में साप्ताहिक बाजारों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजा जा.
इन संगठनों ने 25 नवंबर को भी बंद बुलाने की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासन की बातचीत के प्रस्ताव के बाद इसे टाल दिया गया था. हालांकि 5 दिसंबर को गृहमंत्री के साथ होने वाली बैठक चुनाव अभियान में व्यस्तता के चलते नहीं हो पाई, जिसके बाद अब 9 दिसंबर के बंद को लागू करने का फैसला कर लिया गया है
APIYO के अध्यक्ष तारो सोनम लियाक ने कहा कि अब बंद को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और सामुदायिक संगठनों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों और आम जनता से समर्थनकी अपील की है. तारो सोनम लियाक ने धमकी देते हुए कहा कि बंद के दौरान अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी.
