“जयपुर में गूंजा छत्तीसगढ़ राजनांदगांव का नाम, आयुर्वेदाचार्य शिव शंकर जोशी को मिला “विजय श्री” अवॉर्ड 2025′”

जयपुर/राजनांदगांव।

ग्रामीण और जनजातीय अंचलों में आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा और स्वास्थ्य जनजागरूकता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य शिव शंकर जोशी को जयपुर में आयोजित 26वें कारगिल विजय दिवस समारोह में “विजय श्री” अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें आदिवासी क्षेत्रों में निःशुल्क उपचार, जड़ी-बूटियों की जानकारी, योग, और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देने हेतु वर्षों से किए जा रहे समर्पण के लिए प्रदान किया गया

श्री जोशी ने छत्तीसगढ़ के सैकड़ों गांवों में पहुंचकर इलाज किया ही नहीं, बल्कि लोगों को यह भी सिखाया कि:

बीमारी से लड़ो नहीं, समझदारी से बचो यही असली स्वास्थ्य है।”

उनका काम केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के पुनर्जागरण का आंदोलन रहा है

उनका मानना है:

आयुर्वेद केवल इलाज नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है जो तन और मन दोनों को स्वस्थ करता है।”

राष्ट्रीय पहचान और प्रेरणा का स्रोत:

शिव शंकर जोशी का यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि राजनांदगांव और पूरे छत्तीसगढ़ की उपलब्धि हैयह दर्शाता है कि समर्पण और सेवा का कार्य करने वाला एक सामान्य नागरिक भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान बना सकता है

समारोह की भव्यता और प्रमुख अतिथि:

कार्यक्रम का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच एवं राष्ट्रीय समता स्वतंत्र मंच के तत्वावधान में जयपुर स्थित रोटरी क्लब में किया गया, जहां देशभर के समाजसेवियों, शिक्षाविदों और चिकित्सकों ने भाग लियासमारोह में कारगिल युद्ध के 527 शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और राष्ट्र की एकता-अखंडता हेतु संकल्प लिया गया

 

मुख्य अतिथियों में शामिल थे:

पूर्व शिक्षा मंत्री किशोर शर्मा

पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह

महामंडलेश्वर डॉ. अनीता योगेन्द्र गिरि

चांसलर, इंटरनेशनल रोमा कल्चर यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली डॉ. हुकमचंद गणेशिया

भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के प्रेस सलाहकार श्री शरद गौड़

पूर्व अध्यक्ष, विप्र कल्याण बोर्ड (राज्य शासन) श्री महेश शर्मा

पूर्व सांसद व शताब्दि पुरुष पं. रामकिशन शर्मा

विधायक, सिविल लाइन जयपुर श्री गोपाल शर्मा

अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण:

सम्मानित प्रतिभाओं में शामिल शिव शंकर जोशी को अब 25 दिसंबर 2025 को काठमांडू, नेपाल में आयोजित भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जयंती समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है शिव शंकर जोशी का यह सम्मान उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो बिना प्रचार, मूल्य आधारित, और जनसेवा के भाव से कार्यरत हैंउनका प्रयास आयुर्वेद को घर-घर पहुंचाने, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने और भारतीय चिकित्सा पद्धति को फिर से प्रतिष्ठित करने का राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त उदाहरण बन चुका है