‘‘बलात्कार की धमकी’’ देने वाले बजरंग मुनि गिरफ्तार

राष्ट्रीय

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सीतापुर में कथित तौर पर एक समुदाय के खिलाफ नफरती भाषण और ‘‘बलात्कार की धमकी’’ देने वाले बजरंग मुनि को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने महर्षि श्री लक्ष्मण दास उदासी आश्रम के महंत बजरंग मुनि को गिरफ्तार कर लिया है।

मुनि को भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए), 354 (ए), 298 और 509 के तहत सीतापुर में गिरफ्तार किया गया है। सीतापुर नगर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) पीयूष सिंह ने बताया कि मुनि को शाम में जेल भेज दिया गया।

गौरतलब है कि भगवा वस्त्र पहने बजरंग मुनि का एक वीडियो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया में सामने आया था।

पुलिस ने बताया कि सीतापुर के खैराबाद के महर्षि श्री लक्ष्मण दास उदासी आश्रम के बजरंग मुनि दास के खिलाफ उनके अपमानजनक बयान और अभद्र भाषा के लिए शुक्रवार को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।

बताया जाता है कि कथित नफरती भाषण वाला दो मिनट का वीडियो दो अप्रैल को रिकॉर्ड किया गया था, जब महंत बजरंग मुनि ने नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के अवसर पर एक जुलूस निकाला था।

विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर मुनि के बयान की कड़ी आलोचना हुई थी। पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के कुछ घंटों बाद बजरंग मुनि के माफी मांगने का वीडियो शुक्रवार शाम को सामने आया।

सीतापुर के अपर पुलिस अधीक्षक राजीव दीक्षित ने पीटीआई-भाषा से कहा था, ‘खैराबाद में उनकी अभद्र भाषा को लेकर महंत बजरंग मुनि दास के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सबूत एकत्र करने और जांच के बाद पुलिस तदनुसार कार्रवाई शुरू करेगी।’

इसके पहले संत की गिरफ्तारी में देरी पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी ने बुधवार को सत्तारूढ़ भाजपा को ‘भाईचारे का सबसे बड़ा दुश्मन’ कहा था।

पार्टी ने एक ट्वीट में आरोप लगाया, ”भाईचारे और सद्भावना की सबसे बड़ी दुश्मन भाजपा सरकार।” इसी ट्वीट में सपा ने कहा, ”सीतापुर में धर्म विशेष की महिलाओं को पुलिस की मौजूदगी में बलात्कार की धमकी देने वाले आरोपी की अब तक गिरफ्तारी न होना घोर निंदनीय! पुलिस अब तक क्यों है खाली हाथ, जवाब दे सरकार। कब चलेगा आरोपी पर बुलडोजर? बताएं सीएम।”

इस पोस्ट के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा, ”उप्र के मुख्यमंत्री जी से उप्र की जनता की ये अपेक्षा है कि जो लोग संतों का चोगा पहनकर, साधु-संतों का नाम बदनाम कर रहे हैं व इसकी आड़ में अपने आपराधिक कुकृत्य और जमीन हड़पने के अवैध कारनामों पर पर्दा डाल रहे हैं, ऐसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर तुरंत कार्रवाई करें।”