नेपाल में बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना तय, 165 में से 119 सीटों पर बढ़त, केपी ओली की पार्टी का सफाया
नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 165 सीटों पर शुरुआती रुझान आ चुके हैं। रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। RSP ने अब तक 32 सीटें जीत ली हैं, जबकि 87 पर आगे चल रही है। यह पार्टी सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी।
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN-UML ने अब तक सिर्फ 2 सीटें जीती हैं, जबकि सिर्फ 9 सीटों पर आगे हैं। केपी ओली खुद भी झापा-5 सीट पर बालेन शाह से 31 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। उन्हें सिर्फ 11,427 हजार वोट मिले हैं, जबकि बालेन शाह को 42,543 वोट मिल चुके हैं। ओली ने झापा-5 सीट से 2017 और 2022 का चुनाव जीता था। पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 5 मार्च को हुए चुनाव में 58% लोगों ने वोट डाले। वोटों की गिनती पूरी होने में 3 से 4 दिन लगने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी करने की कोशिश की जाएगी। नेपाल में चुनाव की व्यवस्था मिश्रित चुनाव प्रणाली पर आधारित है। यानी यहां दो तरीकों से सांसद चुने जाते हैं- सीधे चुनाव से और पार्टी को मिले कुल वोट के हिसाब से।
संसद की 275 में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। हर इलाके (निर्वाचन क्षेत्र) में लोग अपने उम्मीदवार को वोट देते हैं। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है। बाकी बची 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि किसी पार्टी को वोट देती है। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं।
इस सिस्टम का मकसद यह है कि छोटे दलों और अलग-अलग सामाजिक समूहों को भी संसद में जगह मिल सके और कोई एक पार्टी पूरी तरह हावी न हो।
