बाढ़ से बैंकॉक बेहाल… अब हो रही है खाने की दिक्कत, 52 हजार परिवार प्रभावित

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कई दिनों की लगातार भारी बारिश के बाद गहरा पानी भर गया है. सड़कें, बाजार और घर जलमग्न हो गए. रविवार को हजारों लोग रिलीफ कैंपों में पहुंचे जबकि कई अन्य किराने का सामान खरीदने या घर सूखाने के लिए निकल पड़े. पैदल यात्री प्लास्टिक के रेनकोट पहनकर घुटनों तक गंदे पानी में चलते दिखे. कुछ लोग सुपरमार्केट में घुसने की कोशिश कर रहे थे तो कुछ अपने सामान को प्लास्टिक के टब में तैराते हुए ले जा रहे थे. यह दृश्य शहर के कई इलाकों में आम हो गया. मोटरबाइक टैक्सी चालक अदुएनन सुरोपोत ने बताया कि घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. खाना खत्म हो रहा था इसलिए वे दुकान पर आए.

उनके घर के पास पानी अभी भी छाती तक था. दुकानों में स्टॉक कम था और कैशियर की लाइन में दो घंटे इंतजार करना पड़ा. कई दुकानों की अलमारियां खाली हो गईं क्योंकि लोग जरूरी सामान खरीदने दौड़ पड़े. ताजा सब्जियां बाजारों में पॉलीस्टाइरीन बॉक्स में या पानी के स्तर से ऊपर लटकाकर रखी गईं. प्रधानमंत्री कार्यालय ने लोगों से घबराकर खरीदारी न करने की अपील की और कहा कि कीमतें बढ़ाकर बेचना अपराध है.

मौसम एजेंसी के अनुसार गुरुवार से रविवार के बीच शहर के कुछ हिस्सों में 330 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई. बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार करीब 4900 लोग रिलीफ कैंपों में पहुंचे. लगभग 52 हजार परिवार प्रभावित हुए. पूरे शहर में आपदा की घोषणा कर दी गई.

गवर्नर चाडचार्ट सिटिपुंत ने सोशल मीडिया पर बताया कि कई सड़कें अभी भी जलमग्न हैं और नहरों में पानी का स्तर ऊँचा है. अधिकारी जल निकासी तेज करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने शनिवार को एक स्कूल में बने अस्थायी आश्रय का दौरा किया जहां करीब एक हजार लोग थे. कुछ लोग चारपाई और बेंच पर आराम कर रहे थे तो कुछ कुत्तों के साथ कक्षाओं के फर्श पर लेटे थे. सोमवार को सैकड़ों स्कूल बंद रहेंगे.

कई निवासियों ने कहा कि इस साल की बारिश पिछले वर्षों से ज्यादा लग रही है. सरकारी कर्मचारी बंदित पंकन ने बताया कि वे बिल्कुल तैयार नहीं थे. आपदा एजेंसी का एसएमएस अलर्ट देर से मिला जबकि पानी रात पहले ही आ चुका था.

प्रेमप्राचाकोर्न नहर के किनारे रहने वाले कोसिन निलसेट ने कहा कि उनका घर करीब 30 घंटे पानी में डूबा रहा. उन्होंने 2011 की बाढ़ से तुलना करते हुए बताया कि इस बार पानी का स्तर उससे ऊंचा है. 2011 में पूरे देश में बाढ़ से 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और लाखों घर क्षतिग्रस्त हुए थे.

अधिकारियों ने कहा कि बैंकॉक और आसपास के प्रांतों में रविवार को भी बारिश का अनुमान था लेकिन सोमवार से यह कम होनी शुरू होगी. पूरे देश में 25 प्रांतों में बाढ़ की रिपोर्ट आई. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राहत कार्यों के लिए 10 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात किए गए. प्रेमप्राचाकोर्न नहर के किनारे अकेले रहने वाली थिदारत सिलसुवान ने कहा कि वे आश्रय नहीं जाना चाहतीं.

घर साफ कर रही हैं और सामान बचा रही हैं. पिछले दो दिनों से मेज पर सो रही हैं. वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन के कारण चरम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं. बैंकॉक में बाढ़ की यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को भी दिखाती है. शहर की पुरानी जल निकासी व्यवस्था और बढ़ती आबादी ने समस्या को और गंभीर बना दिया.