अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारत टैक्सी लागू करने का प्रस्ताव

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारत टैक्सी प्रणाली लागू करने के संबंध में माननीय उपराज्यपाल को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया है। यह प्रस्ताव द्वीपवासियों की ओर से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें भारत सरकार की उभरते सेवा क्षेत्रों में सहकारी क्षेत्र को सशक्त करने की नीति के अनुरूप एक सहकारी आधारित टैक्सी प्लेटफॉर्म लागू करने की मांग की गई है। हिंदू राष्ट्र शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर लाल द्वारा ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भारत टैक्सी एक सहकारी सिद्धांतों पर आधारित व्यवस्था है, जिसमें चालकों को सदस्य एवं हितधारक के रूप में सम्मिलित किया जाता है।

इस प्रणाली में आय का अधिक न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित किया जाता है तथा एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले उच्च कमीशन को न्यूनतम रखा जाता है, जिससे चालकों की आजीविका में सुधार होता है और यात्रियों को पारदर्शी एवं विनियमित किराया संरचना का लाभ मिलता है। वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पोर्ट ब्लेयर स्थित वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों के लिए परिवहन विकल्प सीमित हैं और एक टैक्सी संचालक द्वारा हवाई अड्डा सेवाओं पर वर्चस्व होने की व्यापक धारणा बनी हुई है।

लगभग एक से पांच किलोमीटर जैसी कम दूरी के लिए भी न्यूनतम किराया लगभग 400 रुपये होने के कारण पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और आगंतुक अधिकारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इससे द्वीपों के प्रमुख प्रवेश बिंदु पर एकाधिकार जैसी स्थिति का आभास होता है, जो पारदर्शी, प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता को दर्शाता है। हिंदू राष्ट्र शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर लाल द्वारा ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि भारत टैक्सी की शुरुआत से निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय चालकों को सहकारी ढांचे के अंतर्गत संगठित आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे, पर्यटकों का विश्वास सुदृढ़ होगा तथा प्रशासन की सुलभ और जवाबदेह सार्वजनिक सेवाओं की प्रतिबद्धता को बल मिलेगा। उपराज्यपाल से अनुरोध किया गया है कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारत टैक्सी लागू करने की व्यवहार्यता का शीघ्र परीक्षण किया जाए। इसके लिए स्थानीय परिवहन प्राधिकरणों, सहकारी समितियों अथवा पर्यटन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पोर्ट ब्लेयर में पायलट आधार पर इस प्रणाली को आरंभ करने तथा उपयुक्त नियामक निगरानी सुनिश्चित करने पर विचार किया जाए। ज्ञापन में व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करने तथा प्रस्ताव के परिणाम से द्वीप समुदाय को अवगत कराने का भी अनुरोध किया गया है।