भोपाल पुलिस ने रेलकर्मियों को पीटा…सड़क पर घूंसे-थप्पड़ मारे, बस रोकने पर झूमाझटकी

भोपाल का व्यस्त कोलार इलाका रविवार शाम जंग का मैदान बन गया था। पिकनिक मनाकर लौट रहे रेलकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच ऐसी भिड़ंत हुई कि ट्राफिक जाम लग गया था। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कुछ रेलकर्मियों और ट्रैफिक पुलिसकर्मी के बीच मारपीट शुरु हो गई। बात सिर्फ एक बस को रोकने से शुरू हुई थी, लेकिन खत्म थप्पड़-घूंसे पर हुई। जानकारी के मुताबिक रविवार शाम करीब 6:30 बजे डीमार्ट के सामने ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगी थी। यहां ट्रैफिक आरक्षक सरजीत यादव वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान कठौतिया जंगल से पिकनिक मनाकर लौट रही रेलवे कर्मचारियों से भरी एक बस वहां से गुजर रही थी।

आरक्षक ने देखा कि बस की नंबर प्लेट के ऊपर एक बैनर लगा हुआ है। इससे वाहन का नंबर साफ दिखाई नहीं दे रहा था। नियमों का उल्लंघन देखते हुए सरजीत यादव ने बस को रोक लिया था। बस रुकते ही उसमें सवार कुछ लोग नीचे उतर आए और बस रोकने की वजह पूछने लगे। उन्होंने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया। आरक्षक ने उन्हें बताया कि शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर भी प्रतिबंध रहता है। इसी बात को लेकर पुलिसकर्मी और बस में सवार लोगों के बीच बहस शुरू हो गई थी।

बताया जा रहा है कि बहस के दौरान कुछ रेलकर्मी अपशब्द कहने लगे थे। जब आरक्षक ने इसका विरोध किया तो कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी थी। आरोप है कि झूमाझटकी के दौरान उन्हें सड़क पर गिरा दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान आरक्षक की वर्दी फाड़ने का मामला भी सामने आया है।

आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने भी दो रेलकर्मियों को थप्पड़-घूंसे मारे थे। साथ ही कॉलर पकड़कर सड़क से खींचते हुए ले गए थे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां काफी देर तक हंगामा होता रहा था।

हंगामे के कारण करीब आधे घंटे तक कोलार रोड पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई थी। इस दौरान मारपीट और झूमाझटकी के वीडियो भी सामने आए हैं। मामला बढ़ता देख पास में मौजूद ट्रैफिक के एसआई मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद डायल-112 की टीम भी वहां पहुंची और दो रेलकर्मियों को पकड़कर अपने साथ थाने ले गई।

कोलार पुलिस के मुताबिक इस मामले में रेलवे की महिलाकर्मचारियों समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया गया है।