भूपेश बोले- मंत्री-विधायक छोड़ें Z+ सुरक्षा, कहा- बस्तर से सुरक्षा कैंप हटेंगे तभी मानेंगे नक्सलवाद खत्म
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को बिलासपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कथित साड़ी घोटाले, नक्सलवाद, धर्मांतरण कानून समेत कई मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कौन सा ऐसा विभाग है जिसमें भ्रष्टाचार नहीं होता है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा कोई विभाग नहीं बचा है, जहां भ्रष्टाचार नहीं होता। पूरा मामला जांच का विषय है, लेकिन किसी भी मामले में जांच नहीं की जा रही है। जो भी व्यक्ति जांच की मांग करता है या सवाल उठाता है, उसके खिलाफ केस दर्ज कर दिया जाता है। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि PWD, जल संसाधन और कृषि विभाग सहित कई विभागों में भ्रष्टाचार जारी है। उन्होंने कहा कि PWD में पहले वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाता है और टेंडर बाद में निकाला जाता है। वहीं कृषि विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विभाग अफीम और गांजे की खेती को बढ़ावा दे रहा है। अब सरकारी विभागों की प्राथमिकताएं बदल गई है। नक्सलवाद की समाप्ति के सरकारी दावों पर उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को अपनी सफलता पर भरोसा है, तो मंत्रियों और विधायकों को अपनी जेड प्लस सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए।
दरअसल गुरुवार को भूपेश बघेल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के भाई के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की मौजूदा स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, जिससे आम जनता परेशान है। पूर्व सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि जहां लोगों को पानी नहीं मिल रहा, वहीं गली-गली शराब बेची जा रही है। बस्तियों और गलियों में शराब की नदियां बह रही हैं। प्रदेश में सामने आए साड़ी घोटाले को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि आज कोई भी विभाग भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों में टेंडर प्रक्रिया से पहले ही वर्क ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि कृषि विभाग अब अफीम और गांजे की खेती को बढ़ावा देने में लगा है, जो चिंताजनक है। सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल गई हैं। एक ओर जनता पानी के लिए तरस रही है, वहीं दूसरी ओर शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर को भूपेश बघेल ने राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जबरिया धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ हमने कार्रवाई की थी। हमारे शासनकाल में कुल 15 शिकायतें हुईं थीं। जिसमें से 8 गलत पाए गए थे। 7 मामले सही पाए गए थे, उसमें कार्रवाई हुई। अभी संशोधित कर केवल सजा बढ़ाई गई है। इससे ज्यादा कुछ नहीं किया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अभी भी लंबित है। राज्य सरकार को नोटिस मिला हुआ है, उसके बाद भी राज्यपाल दस्तखत कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि अगर सरकार दावा करती है कि नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, तो वहां से सुरक्षाबलों को हटा लेना चाहिए और भाजपा नेताओं की सुरक्षा भी समाप्त कर देनी चाहिए। नक्सलवाद की समाप्ति के सरकारी दावों पर उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी सफलता पर भरोसा है, तो मंत्रियों और विधायकों को अपनी जेड प्लस सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति तब मानी जाएगी, जब बस्तर से सुरक्षाबलों के कैंप हटने लगेंगे।
