बिहार में बेटियों का ‘महा-धमाका’, 26 में से 19 टॉपर्स लड़कियां

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने एक बार फिर पूरे देश में सबसे पहले इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी कर अपनी साख साबित की है. यह लगातार 8वीं बार है जब बिहार बोर्ड ने हिंदुस्तान में सबसे पहले नतीजे घोषित किए हैं. बोर्ड मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़ों की बाजीगरी के बीच जो सबसे बड़ी बात निकलकर आई, वह है बिहार की बेटियों का शानदार प्रदर्शन. इस साल बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 85.19% परीक्षार्थियों ने सफलता प्राप्त की है. बोर्ड के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि मूल्यांकन शुरू होने के महज 25 दिनों के भीतर रिजल्ट तैयार कर लिया गया. आनंद किशोर और उनकी टीम की इस फुर्ती की सराहना करते हुए बताया गया कि तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल और पारदर्शी तरीके से परीक्षा संचालन ने यह मुकाम हासिल करने में मदद की.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का असर रिजल्ट में साफ दिख रहा है. जहां छात्रों का पास प्रतिशत 84.09% रहा, वहीं छात्राओं ने बाजी मारते हुए 86.23% सफलता दर हासिल की है. इस साल साइंस स्ट्रीम में आदित्य प्रकाश और बाकी दोनों यानी आर्ट्स स्ट्रीम में साक्षी कुमारी व कॉमर्स में गया की अदिति कुमारी ने टॉप किया है.

कुल टॉपर्स: तीनों संकायों (Art, Science, Commerce) को मिलाकर कुल 26 टॉपर्स रहे. इन 26 टॉपर्स में से 19 लड़कियां हैं, जो यह बताने के लिए काफी है कि बिहार की बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं.आर्ट्स और कॉमर्स दोनों ही संकायों में छात्राओं ने प्रदेश में टॉप किया है, जबकि साइंस में एक छात्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है.

बोर्ड ने जोर देकर कहा कि सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है. ससमय नतीजे आने से छात्र अब देश-दुनिया के किसी भी विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए समय पर आवेदन कर पाएंगे. जो छात्र किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए, उन्हें भी निराश न होने की सलाह दी गई है, उनके लिए जल्द ही कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा.