Bihar budget 2026: 3.5 लाख करोड़ की दहलीज पर बिहार का बजट, आज खुलेगा नीतीश सरकार का मेगा विजन

बिहार विधानसभा का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू हो चुका है और आज सियासी व आर्थिक नजरें सदन पर टिकी हैं। सत्र के दूसरे दिन दोपहर 2 बजे वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव विधानसभा में राज्य का बजट पेश करेंगे। यह बजट सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की प्राथमिकताओं और इरादों का आईना माना जा रहा है।

बजट से पहले विधानसभा परिसर में गतिविधियां तेज हो गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक सदन पहुंच चुके हैं।
सुबह 11 बजे प्रश्नोत्तर काल के साथ कार्यवाही शुरू होगी और उसके बाद दोपहर 2 बजे बजट पेश किया जाएगा।

बजट का आकार फिर तोड़ेगा रिकॉर्ड!
पिछले दो दशकों में बिहार के बजट का आकार ऐतिहासिक रूप से बढ़ा है।
वर्ष 2005-06 में जहां बजट 26 हजार करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 में यह 3.17 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है।
इस बार कयास लगाए जा रहे हैं कि बजट 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है, जो बिहार के लिए एक नया आर्थिक कीर्तिमान होगा।
रोजगार, महिला और युवा-बजट के तीन बड़े स्तंभ
नीतीश कुमार सरकार पहले ही 5 वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का वादा कर चुकी है।
ऐसे में इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार योजनाओं, स्किल डेवलपमेंट और उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूह और आर्थिक सशक्तीकरण योजनाओं को भी मजबूती मिल सकती है।

सड़क, एक्सप्रेस-वे और कनेक्टिविटी पर बड़ा दांव
इस बार बजट में बुनियादी ढांचे पर खास जोर रहने वाला है।
सूत्रों के मुताबिक बिहार में 5 नए एक्सप्रेस-वे के लिए राशि का प्रावधान किया जा सकता है।
शहर से लेकर गांव तक सड़कों के लिए करीब 9000 करोड़ रुपये और हाईवे, पुल-पुलिया पर 5500 करोड़ रुपये खर्च की योजना है।

सरकार 5 नए टाउनशिप विकसित करने के लिए फंड दे सकती है। साथ ही हर शहर में आधुनिक इंटर-स्टेट बस टर्मिनल बनाने की तैयारी है, जिससे यातायात और शहरी सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।

बजट में 7 निश्चय-3 की घोषणाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्योग, महिला, रोजी-रोजगार, किसान और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को नए सिरे से गति देने का रोडमैप सामने आ सकता है।

पिछले बजट की झलक, आगे की तैयारी
वित्त मंत्री ने सोमवार को 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण सदन में रखा था।
पिछले बजट में शिक्षा के लिए 60,964 करोड़, स्वास्थ्य के लिए 20 हजार करोड़ और सड़क के लिए 17 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
इस बार इन क्षेत्रों को और मजबूती मिलने की संभावना है।
बजट के बाद सियासी घमासान तय
बजट पेश होने के बाद सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी।
सरकार जहां इसे विकास का ब्लूप्रिंट बताएगी, वहीं विपक्ष बजट के जरिए चुनावी वादों पर हमला बोलेगा।