अंतरिक्ष में अकेले पड़ गए 4 जांबाज, 40 मिनट नहीं दिखी पृथ्वी, 50 साल बाद इंसानों के सबसे करीब था चंद्रमा

ब्रह्मांड के अनंत सन्नाटे के बीच आज एक ऐसा पल आने वाला है जो रोंगटे खड़े कर देगा. नासा के आर्टेमिस-2 मिशन पर निकले चार जांबाज अंतरिक्ष यात्री आज उस अंधेरे का सामना करेंगे जिसकी कल्पना मात्र से ही किसी का भी दिल बैठ जाए. जैसे ही उनका स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के उस सुदूर हिस्से (Far Side) की ओझल में जाएगा पूरी दुनिया उनके लिए 40 मिनट के लिए पूरी तरह गायब हो जाएगी. न पृथ्वी का कोई निशान दिखेगा, न ही कंट्रोल रूम से कोई आवाज सुनाई देगी. सिर्फ होगा एक गहरा सन्नाटा और सामने खड़ा विशालकाय चंद्रमा. 50 साल से भी ज्यादा के इंतजार के बाद इंसान आज पहली बार यह होने जा रहा है, जहां से मुड़कर देखने पर अपनी नीली धरती भी नजर नहीं आएगी. यह महज एक मिशन नहीं बल्कि इंसान के साहस की वो आखिरी परीक्षा है, जहां वह ब्रह्मांड में पूरी तरह अकेले होंगे.

आधी सदी से भी ज्यादा समय के बाद इंसान एक बार फिर चांद के इतना करीब पहुंचने वाला है जहां से उसे पृथ्वी नजर ही नहीं आएगी. नासा (NASA) का आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन आज इतिहास रचने जा रहा है. इस मिशन के दौरान एक वक्त ऐसा आएगा जब अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के सबसे दूर वाले हिस्‍से के पीछे चले जाएंगे और पूरे 40 मिनट के लिए पृथ्वी उनकी नजरों से ओझल हो जाएगी. अमेरिका में आज दोपहर 2:45 बजे (U.S. Eastern Time) और भारत में आज आधी रात को यानी 12:15 बजे आर्टेमिस II का संपर्क पृथ्‍वी से पूरी तरह कट जाएगा

नासा द्वारा जारी नए प्रीव्यू के मुताबिक, आज जब आर्टेमिस II के यात्री चंद्रमा के पीछे से गुजरेंगे तो वे पूरी तरह अंधेरे में होंगे. इस दौरान वे मानव जाति और पृथ्वी से अपना रेडियो संपर्क खो देंगे. शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेरेक बुजासी के अनुसार, “यह पल थोड़ा डरावना और बेहद रोमांचक होने वाला है.” यह वही स्थिति होगी जब दुनिया भर के वैज्ञानिक और लोग अपनी सांसें थामे अंतरिक्ष यात्रियों के वापस लौटने का इंतजार करेंगे.

आर्टेमिस II मिशन न केवल चंद्रमा के करीब पहुंच रहा है बल्कि यह इंसानी इतिहास में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी बनाएगा. यह स्पेसक्राफ्ट अपोलो 13 के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए धरती से 2,52,757 मील (406,772 किलोमीटर) की अधिकतम दूरी तक पहुंचेगा.

खासियत: इस मिशन में पहली बार एक महिला (क्रिस्टीना कोच), एक अश्वेत व्यक्ति (विक्टर ग्लोवर) और एक गैर-अमेरिकी (जेरेमी हैनसन) चंद्रमा तक पहुंच रहे हैं.

अंतरिक्ष यात्रियों को इस सफर के दौरान चंद्रमा किसी बास्केटबॉल के आकार जैसा दिखाई देगा. वे चंद्रमा के उस हिस्से को अपनी आंखों से देखेंगे जिसे पृथ्वी से कभी नहीं देखा जा सकता. मिशन के अंत में यात्री एक दुर्लभ सूर्य ग्रहण का भी अनुभव करेंगे जब लगभग 53 मिनट के लिए चंद्रमा सूरज को पूरी तरह ढक लेगा और अंतरिक्ष यान से सोलर कोरोना (सूरज का चमकता घेरा) का अद्भुत नजारा दिखेगा.