महिलाओं में ही नहीं पुरुषों में भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर, दिखने लगे 6 बदलाव, शरीर दे रहा है संकेत

ब्रेस्ट कैंसर को अक्सर महिलाओं की बीमारी माना जाता है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि यह पुरुषों को भी हो सकता है। यह बीमारी लिंग या उम्र नहीं देखती। अमेरिका के सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, अमेरिका में ब्रेस्ट कैंसर के लगभग 100 मामलों में से 1 मामला पुरुषों में पाया जाता है। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। इससे साफ हो चुका है कि ब्रेस्ट कैंसर केवल महिलाओं को ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी हो सकता है। इसका एक हालिया उदाहरण 42 वर्षीय शेफ मैट केली हैं। उन्हें बिल्कुल स्वस्थ होने के बावजूद भी स्तन कैंसर के एक गंभीर रूप का पता चला। केली को यह गांठ सबसे पहले अक्टूबर 2024 में महसूस हुई थी, जब वह शिकागो में एक नए रेस्टोरेंट के काम में व्यस्त थे। ज्यादातर पुरुष ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों पर ध्यान नहीं देते और इसे आम समझकर नजर अंदाज कर देते हैं।

ब्रेस्ट कैंसर दुनिया भर की महिलाओं में सबसे आम और खतरनाक कैंसर में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, अकेले 2022 में करीब 23 लाख महिलाओं में इस कैंसर का पता चला और इससे लगभग 6 लाख 70 हजार महिलाओं की जान चली गई। हम अक्सर सोचते हैं कि पुरुषों को यह बीमारी नहीं हो सकती, लेकिन यह सोचना गलत है। हालांकि, पुरुषों में स्तन कैंसर होना बहुत दुर्लभ है, पर ऐसा होना असंभव नहीं है। 42 वर्षीय शेफ के मामले से यह साबित हो चुका है।

42 वर्षीय अमेरिकी शेफ मैट केली को पिछले साल अक्टूबर में शिकागो में एक नए रेस्टोरेंट की शुरुआत के दौरान पहली बार अपने सीने में एक गांठ महसूस हुई। उन्होंने शुरुआत में इसे नजरअंदाज कर दिया, यह सोचकर कि यह कोई मामूली समस्या होगी। हालांकि, उनकी पत्नी के बार-बार कहने पर, केली डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने तुरंत आगे की जांच की सलाह दी और फिर क्रिसमस से ठीक दो दिन पहले उन्हें कैंसर का पता चला। केली के शरीर में मेल ब्रेस्ट कैंसर का एक बहुत ही तेजी से फैलने वाला रूप निकला। पीईटी स्कैन जैसे कुछ और टेस्ट से पता चला कि कैंसर उनके लिम्फ नोड्स और यहां तक कि रीढ़ की हड्डी सहित उनके शरीर की सभी हड्डियों तक भी फैल चुका था।

पुरुषों में स्तन कैंसर के मुख्य लक्षण

छाती या बगल के एरिया में कोई नई गांठ या सूजन महसूस होना।

निप्पल से किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ का निकलना, जिसमें खून भी हो सकता है।

चेस्ट के दोनों ओर के आकार या आकृति में बदलाव आना।

छाती की त्वचा पर कोई घाव या अल्सर होना।

निप्पल के आकार या रूप में परिवर्तन आना।

शेफ मैट केली का उदाहरण दिखाता है कि पुरुष ब्रेस्ट कैंसर को कितनी आसानी से नजरअंदाज किया जा सकता है, खासकर युवा पुरुषों में या उनमें जो खुद को जोखिम में नहीं मानते। पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर तब होता है जब उनके ब्रेस्ट टीश्यूज में कैंसर वाली सेल्स बनने लगती हैं। हालांकि पुरुषों के पास महिलाओं की तुलना में बहुत कम ब्रेस्ट सेल्स होते हैं, फिर भी उनमें नलिकाएं और कुछ टीश्यूज मौजूद होते हैं, इसलिए कैंसर होना संभव है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, यह बहुत दुर्लभ है और सभी ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में पुरुषों में यह 1% से भी कम होता है। इस दुर्लभता के कारण, अक्सर पुरुष और यहां तक कि उनके डॉक्टर भी लक्षणों को जल्दी नहीं पहचान पाते, जिससे इलाज (Diagnosis) देर से होता है। अच्छी बात यह है कि पुरुषों में ब्रेस्ट सेल्स कम होने के कारण कैंसर का पता जल्दी लग सकता है, लेकिन अक्सर इसे अनदेखा कर दिया जाता है।