लहंगे में 4 घंटे में 18 किमी पैदल चलकर दुल्हन पहुंची ससुराल
गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त बचाने के लिए एक दुल्हन को अपनी ही शादी में भारी लहंगे में दौड़ लगानी पड़ी. मामला उत्तराखंड के चकराता ब्लॉक का है, जहां आजादी के दशकों बाद भी उदावा गांव तक सड़क नहीं बन पाई है. बुल्हाड़ गांव से विदा होकर आई दुल्हन शर्मिला को लोखंडी से ससुराल तक 18 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ा. थका देने वाले इस पहाड़ी रास्ते पर समय से पहुंचने के लिए दुल्हन भागती हुई नजर आई. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल वीडियो में दुल्हन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गांव में सड़क बनाने की मांग की है.
यह कहानी है शर्मिला की, जिनकी शादी उदावा गांव के अनिल चौहान से तय हुई थी. शादी के बाद जब विदाई हुई, तो दुल्हन बुल्हाड़ गांव से गाड़ियों के काफिले के साथ लोखंडी तक तो आराम से आ गई. असली परीक्षा इसके आगे थी. आजादी के इतने साल बाद भी उदावा गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है. इसका नतीजा यह हुआ कि शर्मिला को अपनी ही शादी में करीब चार घंटे पैदल चलकर 18 किलोमीटर का दुर्गम पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ा.
चार घंटे के इस थका देने वाले सफर में सबसे बड़ी चुनौती थी गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त बचाना. शर्मिला को डर था कि कहीं पैदल चलने की सुस्ती में शुभ घड़ी हाथ से न निकल जाए. फिर क्या था, दुल्हन ने आव देखा न ताव और भारी-भरकम शादी के जोड़े में ही दौड़ लगा दी. जिसने भी लहंगे में दुल्हन को भागते देखा, वह दंग रह गया.
रास्ते में थककर चूर शर्मिला का ग्रामीणों ने एक वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है. इस वीडियो में शर्मिला सीधे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार लगाती दिख रही हैं. वे कहती हैं कि आज तो वो इस पथरीले और कच्चे रास्ते पर दौड़कर अपनी ससुराल पहुंच रही हैं, लेकिन सरकार जल्द से जल्द इस गांव को पक्की सड़क से जोड़े ताकि भविष्य में किसी और दुल्हन को अपनी शादी के दिन इस तरह न दौड़ना पड़े.
