संभल के कसेरवा में मुस्तफा कादरी मस्जिद पर चला बुलडोज़र
संभल के कसेरुआ गांव में मुस्तफा कादरी मस्जिद पर प्रशासन ने रात में भी दो जेसीबी मशीनों की मदद से मस्जिद के बचे हुए हिस्से को तोड़ने और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया. रात्रि में प्रशासन का बुलडोजर चलने से इलाके में हड़कंप मच गया. पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद संभल के थाना नखासा क्षेत्र के कसेरुआ गांव का है. बुधवार रात्रि करीब 9 बजे के बाद पुलिस-प्रशासन गांव पहुंचा और मस्जिद के बचे हुए हिस्से को तोड़ने का काम शुरू किया. प्रशासन के अनुसार, मुस्तफा कादरी मस्जिद का निर्माण कब्रिस्तान के नाम दर्ज 120 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जा कर किया गया था. तहसीलदार न्यायालय ने 21 अप्रैल को मस्जिद कमेटी के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया था. मस्जिद को पहले 6 जून को बुलडोजर से तोड़ा गया था, जिसके बाद 7 और 8 जून को भी बुलडोजर कार्रवाई जारी रही थी.
बताया जा रहा है कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से पहले प्रशासन ने रात में ही मलबा हटाने और बचे हुए हिस्से को तोड़ने का काम फिर से शुरू कर दिया. सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस को मौजूद रहा प्रशासन का कहना है कि आरक्षित ग्राम सभा की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर ग्राम समाज की भूमि को नुकसान पहुंचाया गया.
बीते 9 जनवरी को हल्का लेखपाल द्वारा पैमाइश किए जाने के बाद 18 जनवरी 2026 को लेखपाल की शिकायत पर याकूब पुत्र अफसर तथा तस्लीम पुत्र यासीन के खिलाफ बीएनएस की धारा 329 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 2/3 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई थी. रात्रि में प्रशासन का बुलडोजर चलते देख गांव में हड़कंप मच गया. दो जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया.
संभल तहसीलदार सुधीर कुमार ने बताया की मुस्तफा कादरी मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन किया गया था उसके बाद कुछ हिस्सा बचा हुआ है. मालवा बचा हुआ था उसी को लेकर रात में दो बुलडोजर के द्वारा मालवा व जो हिस्सा बचा हुआ था मुस्तफा कादरी मस्जिद जिस जमीन पर बनी थी उसे पूर्ण रूप से कब्जा मुक्त किया जाएगा.
