रेप के आरोपी महंत सीताराम के पुश्तैनी घर पर चला बुलडोजर

राष्ट्रीय

मध्य प्रदेश के रीवा के राज निवास में नाबालिग के साथ गैंगरेप के मुख्य आरोपी महंत सीताराम की पुलिस ने सारी हेकड़ी ने निकाल दी. पुलिस ने रसूखदार महंत को गिरफ्तार करते ही उसके पुस्तैनी मकान को बुलडोजर से नेस्तानाबूद कर दिया. इतना ही नही पुलिस ने सिविल लाइन थाना लेकर जिला न्यायालय तक जुलूस निकाला. पुलिस सभी आरोपियों की संपत्ति खंगाल रही है ताकि इसे जमींदोज किया जा सके.

यूपी के बाद अब एमपी में भी बुलडोजर का कमाल देखने को मिलने लगा है. राज निवास में हुए गैंगरेप की घिनौनी करतूत से खफा हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बुलडोजर महंत सीताराम के पुश्तैनी आवास तक पहुंच गया. शिवराज के फरमान के अब एक्शन में आये प्रशासन ने सीताराम के गांव गुड़वा में बने पक्के भवन को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया.

नाबालिग से राज निवास में 28 मार्च को बलात्कार करने के बाद महंत भागकर इसी भवन में छिपा था और सुबह सिगंरौली भाग कर पहुंच गया था. 30 मार्च को पुलिस ने महंत को बस स्टैंड बैढन से गिरफ्तार कर लिया था. 31 तारीख को सीताराम का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया. सिविल लाइन पुलिस सीताराम को जेल भेजने पहले ने कोर्ट में पेश करने ले गई.

पुलिस की गाड़ी ख़राब थी लिहाजा सीताराम को थाने से कोर्ट तक पैदल मार्च करा दिया. महंत सीताराम तपती धूप में पैदल चल रहा था. चेहरे पर नकाब था पर उसके पैरों में ना तो जूते थे और ना ही चप्पल. मुख्य आरोपी सीताराम के साथ हिस्ट्रीशीटर विनोद पाण्डेय भी था. पुलिस के सुरक्षा पहरे पर दोनों आरोपी कोर्ट में पहुंचाये गए.

यहां पहुंचते ही अधिवक्ताओं ने मुर्दाबाद के नारे लगाए और फांसी देने की मांग की. पुलिस कस्टडी में महंत को देखने के लिए कोर्ट में भारी हुजूम उमड़ पड़ा और लोग गन्दी गालियां दे रहे थे. पुलिस को अधिवक्ताओं को समझने में काफी मशक्क्त करनी पड़ी. पुलिस ने मुख्य आरोपी की काली करतूत उजागर करने के लिए 2 दिन की कोर्ट के रिमांड ली है.

कोर्ट से थाने ले जाते वक्त महंत के सिर पर हेलमेट लगाना पड़ा. अब पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है. पुलिस महंत की काली करतूतों का चिट्ठा खोलने के लिए अलग-अलग लोगों से पूछताछ और साइबर सेल की मदद ले रही है. गैंगरेप का दूसरा आरोपी विनोद पाण्डेय पुराना हिस्ट्रीशीटर है. इस पर अलग अलग थानों में 35 से अधिक मामले दर्ज हैं.

राज निवास का कमरा नं. 4 विनोद पांडेय के नाम पर ही अलॉट किया गया था और इसी ने महंत तक नाबालिग को पहुंचाया और किडनैप करने का प्रयास किया था. गौरतलब है कि राज निवास में नाबालिग के साथ गैंगरेप में 4 आरोपी बनाए गए हैं जिसमें 2 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है जबकि 2 की तलाश कर रही है.