छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ने का असर, रायपुर से बिलासपुर 350 और जगदलपुर का बस किराया 950 रुपये

छत्तीसगढ़ में एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले आम यात्रियों की जेब पर महंगाई की सीधी मार पड़ी है। परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच चलने वाली यात्री बसों के किराए में इजाफा किया गया है। नए किराया ढांचे के तहत राजधानी रायपुर से बिलासपुर का किराया 250 रुपये से सीधे बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है। वहीं रायपुर से कांकेर जाने के लिए 180 की जगह 300 रुपये, रायपुर से जगदलपुर के सफर के लिए 700 की जगह 950 रुपये और रायपुर से बेमेतरा का किराया 70 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह रायपुर से अंबिकापुर मार्ग पर यात्रा करने वालों को पहले की तुलना में 200 से 300 रुपये तक अतिरिक्त चुकाने होंगे। नई दरें राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

श्रेणीवार नई प्रति किलोमीटर दरें
परिवहन विभाग के अनुसार सामान्य से लेकर लग्जरी बसों के किराए में 10 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। यह व्यवस्था नगरीय निकाय क्षेत्रों में चलने वाली सिटी बसों को छोड़कर सभी अंतरशहरी बसों पर लागू होगी:
साधारण बस: शुरुआती 5 किलोमीटर तक का न्यूनतम किराया 10 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रति किलोमीटर 1.75 रुपये (पहले 1.25 रुपये) की दर से किराया लगेगा।
डीलक्स बस: पहले 5 किलोमीटर के लिए 12 रुपये और इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर पर 2.20 रुपये देय होगा।

डीलक्स स्लीपर व सेमी-स्लीपर (नॉन एसी): पहले 5 किलोमीटर के लिए 12 रुपये तथा इसके बाद प्रति किलोमीटर 2.20 रुपये दर तय की गई है।

एसी डीलक्स स्लीपर व सेमी-स्लीपर: पहले 5 किलोमीटर के लिए 12 रुपये और इसके बाद 3.20 रुपये प्रति किलोमीटर।
सुपर लग्जरी एवं वोल्वो बसें: वोल्वो, मर्सिडीज और स्कैनिया जैसी अत्याधुनिक वातानुकूलित बसों में पहले 5 किमी के लिए 12 रुपये और इसके बाद 3.30 रुपये प्रति किमी की दर लागू होगी। एसी सेमी-स्लीपर में सीट के लिए 3 रुपये और स्लीपर बर्थ के लिए 3.30 रुपये प्रति किमी तय है।

रात्रिकालीन सफर और किराए की राउंडिंग गणना
रात में लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं। ऐसी बसें जो सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच चलती हैं और जिनकी एक तरफ की दूरी 200 किलोमीटर से अधिक है, उनके साधारण व डीलक्स किराए में 10 प्रतिशत अतिरिक्त रात्रिकालीन शुल्क जोड़ा जाएगा।
किराए की गणना को लेकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कुल किराया राशि में 50 पैसे या उससे अधिक का अंश आता है, तो उसे अगले पूरे रुपये में पूर्णांकित (राउंड ऑफ) किया जाएगा। वहीं 50 पैसे से कम के अंश को छोड़ दिया जाएगा।

इन यात्रियों को 100% और 50% किराए में विशेष छूट
100 प्रतिशत निःशुल्क यात्रा: दृष्टिबाधित व्यक्ति, मानसिक मंदता (बौद्धिक दिव्यांगता) वाले नागरिक, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक तथा एचआईवी/एड्स पीड़ित व्यक्तियों को बस किराए में शत-प्रतिशत छूट मिलेगी। उपचार हेतु जाने पर इन श्रेणियों के यात्रियों के साथ चलने वाले एक सहायक (अटेंडेंट) को भी किराए में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

दस्तावेज अनिवार्यता: दोनों पैरों से दिव्यांग यात्रियों को समाज कल्याण विभाग या शासकीय अस्पताल द्वारा जारी फोटोयुक्त प्रमाणपत्र तथा एचआईवी पीड़ितों को राज्य एड्स नियंत्रण समिति, एआरटी केंद्र या कैंसर अस्पताल का अधिकृत प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
नक्सल प्रभावितों को 50 प्रतिशत छूट: छत्तीसगढ़ के स्थानीय नक्सल प्रभावित नागरिकों को जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा जारी वैध प्रमाणपत्र दिखाने पर किराए में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

परिवहन विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों को निर्देशित किया है कि वाहनों के रजिस्ट्रेशन और परमिट में बस की श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है। निर्धारित छूट देने में आनाकानी करने या तय दर से अधिक किराया वसूलने पर संबंधित बस मालिकों और परिचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत परमिट निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।