बस किराया बढ़ना तय : मालिक मांग रहे 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी, छूट खत्म होने के चलते अभी से बढ़ीं दरें

रायपुर। ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बाद अब बसों के किराये में इजाफा तय है। संचालकों ने 25 फीसदी किराया बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है। मंजूरी के साथ किराया बढ़ जाएगा। इससे पहले स्पर्धा की वजह से किराये में छूट मिल रही थी, लेकिन अब इसे खत्म कर बस संचालक निर्धारित दरों पर पूरा किराया वसूल रहा है, जिसके कारण अभी से सफर महंगा हो गया है। गौरतलब है, पूर्व में प्रतिस्पर्धा के कारण बस ऑपरेटर लंबी दूरी का किराया भाड़ा कम कर यात्रियों को ले जाते थे। वर्तमान में डीजल के दाम बढ़ने से बस ऑपरेटर शासन द्वारा निर्धारित किराया भाड़ा वसूल रहे हैं, इससे यात्रियों को लग रहा है कि बस ऑपरेटरों ने किराया भाड़ा बढ़ा दिया है। अभी बढ़ोत्तरी प्रस्तावित है, लागू नहीं हुआ है। बसों में किराया भाड़ा आखिरी बार 2021 में बढ़ाया गया था।

बस ऑपरेटर महंगाई का हवाला देकर बसों का किराया भाड़ा बढ़ाए जाने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं। बस ऑपरेटरों ने परिवहन आयुक्त के साथ परिवहन मंत्री को पत्र लिख कर 25 प्रतिशत बसों का किराया भाड़ा बढ़ाए जाने की मांग की है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल की कीमत में करीब 10 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इसके कारण उन्हें बस संचालन करने पर नुकसान हो रहा है।

लंबी दूरी की ओर चलने वाली ज्यादतर बस के ऑपरेटर यात्री से ज्यादा माल परिवहन करने में यकीन करते हैं। एक सामान्य एसी बस में बस ऑपरेटर को औसतन 30 सीट के हिसाब से किराया भाड़ा 18 से 20 हजार रुपए एक तरफ का बनता है। माल परिवहन करने पर बस ऑपरेटर को अतिरिक्त 10 से 15 हजार रुपए तक की कमाई होती है। इसीलिए बस संबंधित जगह टाइम में माल पहुंचे, इसलिए यात्री किराया भाड़ा में कटौती कर यात्रियों को ले जा रहे थे। डीजल की कीमत बढ़ने से बस ऑपरेटर को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इसीलिए अब तय किराया वसूल रहे है।

रायपुर से जगदलपुर की दूरी 303 किलोमीटर है, लग्जरी बस के हिसाब से किराया माड़ा 863 रुपए होता है। साधारण एसी स्लीपर बस में किराया माड़ा 600 से 615 रुपए होता है। पूर्व में प्रतिस्पर्धा के कारण बस ऑपरेटर लग्जरी का किराया माड़ा साढ़े सात सौ से आठ सौ रुपए वसूलते थे। इसी तरह से एसी स्लीपर कोच बस के ऑपरेटर पांच सी से साढ़े पांच सौ रुपए किराया लेते थे। डीजल की कीमतों में वृद्धि होने के बाद बस ऑपरेटर तय मानक से किराया वसूल रहे हैं, इसलिए लोगों को अचानक से किराया भाड़ा में बढ़ोतरी दिख रही है।

अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि, बस ऑपरेटरों द्वारा किराया बढ़ोतरी की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि लंबी दूरी के लिए संचालित बस के ऑपरेटर कंपीटिशन के कारण बसों का किराया कम ले रहे थे। डीजल की कीमत बढ़ने के बाद बस ऑपरेटर शासन द्वारा निर्धारित किराया भाड़ा वसूल रहे है, इसलिए यात्रियों को किराया भाड़ा में बढ़ोतरी लग रही है।