घी संभल कर खरीदे…अहमदाबाद में 30 हजार लीटर नकली घी बरामद
अगर आप मार्केट में सस्ता घी, हल्दी, मिर्च या जीरा जैसी खाने वाली चीजें खरीदते हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि हो सकता है जो घी आप खरीद रहे हैं, उसमें एक बूंद भी असली घी न हो। यही बात तमाम सस्ती चीजों को लेकर भी लागू होती है, जो बाजार में धड़ल्ले से बिकती हैं और जनता की सेहत से खिलवाड़ करती हैं।
आज ही अहमदाबाद में पुलिस ने नकली घी बनाने वाली कंपनी का भंडाफोड़ किया है। इस कंपनी में पॉमोलिन ऑयल को कैमिकल मिलाकर घी में तब्दील कर दिया जाता था। पुलिस ने तीस हजार लीटर नकली घी बरामद किया है।
पचास हजार लीटर ऐसा चाइनीज कैमिकल भी पकड़ा है, जो पॉमोलिन ऑयल को देशी घी बना देता है। FDA डिपार्टमेंट के लोग ये देखकर हैरान रह गए कि मार्केट में सप्लाई के लिए रखा नकली घी, बिल्कुल असली घी जैसा था। इसमें फैट की मात्रा भी घी जैसी थी। FDA के पास जो इक्यूपमेंट्स थे, वो भी नकली घी की पहचान नहीं कर पाए।
इस कंपनी के मालिक को 2 साल पहले भी नकली घी के धंधे में पकड़ा गया था। ये शख्स जमानत पर छूट गया, जिसके बाद फिर इसी काम में लग गया। वह गुजरात के अलावा पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में नकली घी की सप्लाई करने लगा।
गांधीनगर रेंज के डीआईजी वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पौने दो करोड़ का नकली घी बरामद हुआ है। इसके साथ-साथ फैक्ट्री में 78 लाख रुपये का ऐसा जहरीला कैमिकल भी मिला है, जिसका इस्तेमाल इंसानों के लिए जानलेवा हो सकता है।
हैरानी की बात ये है कि आज लुधियाना में भी नकली घी का एक गोडाउन पकड़ा गया। यहां तीन हजार लीटर नकली घी बरामद हुआ और इस नकली घी की सप्लाई भी अहमदाबाद से की गई थी। असल में पुलिस को पता चला कि एक शख्स शहर में सस्ते घी की सप्लाई कर रहा है। 450 रुपये प्रति किलो के रेट पर गाय का घी बेच रहा है।
पुलिस को शक हुआ तो रेड की गई। सारा सच सामने आ गया। गोडाउन मालिक से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि ये सस्ता घी उसने गुजरात से मंगवाया है। घी की क्वालिटी के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है।
फिलहाल पुलिस ने गोडाउन का पूरा माल जब्त कर लिया है। सैंपल्स को जांच के लिए भेजा है। पुलिस को यकीन है कि 450 रुपये की रेट पर कोई असली घी नहीं बेच सकता इसलिए लैब रिपोर्ट आते ही इस मिलावट का सच सामने आ जाएगा।
खाने-पीने की चीजों में मिलावट की खबर यूपी से भी आई। कानपुर में नकली मसाले बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी गई है। इस फैक्ट्री में खतरनाक केमिकल्स और कलर्स की मदद से मसाले बनाए जा रहे थे। दो हजार किलो ऐसी हल्दी मिली, जिसमें हल्दी का एक टुकड़ा भी असली नहीं था। इस फैक्ट्री में खराब क्वालिटी के चावल का पाउडर बनाया जाता था।
फिर इसमें कैमिकल कलर डालकर इसे हल्दी जैसा रंगा जाता था और हल्दी के नाम पर मार्केट में सप्लाई कर दिया जाता था। इसी तरह लाल रंग डालकर मिर्च तैयार की जाती थी। लकड़ी के बुरादे को रंग कर धनिया पाउडर बना दिया जाता था। इस फैक्ट्री से फूड डिपार्टमेंट ने 5 लाख 86 हजार रुपये के नकली मसालों का स्टॉक जब्त किया है।
