CDS ने बताया कैसे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में PAK को धूल चटाई, नुकसान पर भी की बात

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह माना कि भारत ने इस महीने पाकिस्तान के साथ हुई जंग में अपने कुछ फाइटर जेट्स खोए हैं उन्होंने पाकिस्तान के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया कि उसके पायलटों ने छह भारतीय जेट गिराए. शांगरी-ला डायलॉग में ब्लूमबर्ग टीवी से बातचीत करते हुए जनरल चौहान ने कहा, महत्वपूर्ण यह नहीं है कि विमान गिरा, बल्कि यह है कि वह क्यों गिरा. क्या गलती हुई, यह ज्‍यादा मायने रखता है. संख्याएं उतनी जरूरी नहीं हैं.

सीडीएस ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने दो दिन के भीतर अपनी रणनीतिक गलती को पहचाना, उसे सुधारा और फिर से लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता के साथ ऑपरेशन को जारी रखा. अच्छी बात यह है कि हम अपनी गलती को समय रहते पहचान पाए, उसे ठीक किया और दो दिन में फिर से ऑपरेशन में शामिल हो गए. हमारे जेट दुश्मन के भीतर तक वार कर रहे थे.

जनरल चौहान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के उस बयान को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने छह भारतीय जेट मार गिराने का दावा किया था. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास चीन से आए एयर डिफेंस सिस्टम इस संघर्ष में बिल्कुल नाकाम रहे. उन्‍होंने कहा, चीन से मिले सिस्टम उनकी रक्षा नहीं कर पाए. हमारी स्ट्राइक 300 किलोमीटर भीतर तक हुईं, और उन्होंने कुछ नहीं कर पाया.

क्या ये टकराव परमाणु जंग के करीब पहुंच गया था? इस पर CDS चौहान ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच संवाद बना रहा और भारत जानता है कि पारंपरिक युद्ध और परमाणु युद्ध के बीच बहुत जगह होती है. उन्‍होंने कहा, मेरी व्यक्तिगत राय में पारंपरिक सैन्य कार्रवाई और परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बीच काफी स्पेस है. हम उस लाइन को नहीं लांघे. बातचीत खुली रही. CDS ने बताया कि अभी संघर्षविराम लागू है, लेकिन भारत ने स्पष्ट रेड लाइन तय कर दी हैं. उन्होंने चेताया कि अगर पाकिस्तान ने फिर उकसाने की कोशिश की, तो जवाब पहले से भी ज़्यादा कठोर होगा. सीडीएस ने कहा, हमने अपनी शर्तें साफ कर दी हैं. अब फैसला पाकिस्तान के हाथ में है कि वो क्या करता है.