चंपत राय-अनिल मिश्रा को चढ़ावा चोरी में क्लीन चिट, SIT ने सिर्फ 8 लोगों को माना दोषी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने SIT का गठन किया था. SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. SIT की इस रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का नाम आरोपियों के तौर पर शामिल नहीं है.
SIT की इस रिपोर्ट में सिर्फ चोरी करने वाले आठ लोगों को ही आरोपी माना गया है. इस रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को आरोपी माना गया है.
बता दें, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने मामले में जांच शुरू होने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के बाद चंपत राय ने अयोध्या में चार महीने की चातुर्मास साधना शुरू करने का फैसला किया था. वे 21 नवंबर तक अयोध्या में ही रहकर राम मंत्र का जाप और रामचरितमानस का पाठ करेंगे. वे रोज करीब छह घंटे मौन रहकर साधना करते हैं. 7 जून से वे रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में एकांतवास में है.
दूसरी तरफ, अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए चयन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. इस पद के लिए इंटरव्यू का दौर पूरा हो चुका है. अब तीन नामों का एक फाइनल पैनल तैयार कर लिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, इस पद की रेस में उत्तर प्रदेश के दो जाने-माने अधिकारी सबसे आगे चल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस रेस में योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे के नाम पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है.
राम मंदिर के सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी लंबी और कड़ी रही है. शुरुआत में देश भर से 5,585 आवेदन मिले थे. इनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने अपना विस्तृत बायोडाटा (CV) उपलब्ध कराया.
