रायपुर में चेन्नई मॉडल…स्लीपर कोच में मिलेंगे तकिया-चादर, जनवरी से 10 ट्रेनों में 50 रुपए में बेडरोल पैकेज

दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल की तर्ज पर रायपुर रेल मंडल में भी स्लीपर क्लास के यात्रियों को चादर और तकिये (बेडरोल) देने की तैयारी शुरू हो गई हैइसके लिए चेन्नई मंडल के अधिकारियों के साथ आइडिएशन और प्लानिंग पर चर्चा चल रही है। . जानकारी के अनुसार, जनवरी से रायपुर मंडल 10 ट्रेनों में यह सुविधा शुरू कर सकता है. इस नए एक्सपेरिमेंट का मकसद यात्रियों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. सीनियर DCM अवधेश कुमार त्रिवेदी के अनुसार, रायपुर मंडल में बेडरोल सर्विस को शुरुआती चरण में सीमित ही ट्रेनों में लागू किया जाएगा. इसके लिए चेन्नई मंडल के अधिकारियों के साथ प्लानिंग और आइडिएशन पर चर्चा चल रही है और जल्द इसकी घोषणा कर दी जाएगी. अभी तक बेडरोल सिर्फ एसी कोच में ही मिलते थे, जिनकी कीमत टिकट में ही शामिल होती थी. लेकिन पहली बार स्लीपर कोच के यात्री भी चादर और तकिया ले सकेंगे. इसके लिए एक्स्ट्रा शुल्क देना होगा, जिसे यात्री कोच अटेंडेंट को भुगतान कर प्राप्त करेंगे. चेन्नई डिवीजन ने इसक शुरुआत 1 जनवरी 2026 से 10 ट्रेनों में करने की घोषणा कर दी है. पूरा सेट लेने पर 50 रुपए और अलग-अलग जरूरत के अनुसार 20 से 30 रुपए तक का चार्ज होगा. इसी मॉडल को रायपुर मंडल भी अपनाने की तैयारी में है.

अगर यह पहल सफल रहती है, तो रेलवे इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार दे सकता है. रायपुर मंडल में SECR की चिन्हित ट्रेनों में इसे टेस्ट फेज के तहत लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. इसके साथ ही SECR यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन में सुधार के लिए एसी कोचों में एडवांस फायर डिटेक्शन सिस्टम लगा रहा है. यह सिस्टम धुआं या आग की शुरुआत होते ही अलार्म बजाएगा, जिससे तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा. इस सिस्टम के जरिए आग फैलने से पहले ही चेतावनी मिल जाएगी. सेंसर एसी कोच के हर हिस्से में लगे होंगे, जिससे किसी भी खतरे की स्थिति में ऑन-बोर्ड स्टाफ तुरंत प्रतिक्रिया दे सकेगा, इसके बड़े हादसों की आशंका कम होगी.