इंडिगो पर 9000 करोड़ जुर्माने की मांग, छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने भेजा नोटिस

देश भर में इंडिगो एयरलाइंस की लगातार फ्लाइट्स रद्द होने के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया हैछत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने इंडिगो को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें प्रभावित यात्रियों को 10 गुना मुआवजा देने की मांग की गई हैइस गंभीर मामले को लेकर प्रधानमंत्री को भी शिकायत भेजी गई है, जिसमें इंडिगो पर लगभग 9000 करोड़ (1 बिलियन डॉलर) का भारी जुर्माना लगाने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया है कि इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल करनासिर्फ यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि भारतीय कानूनों और DGCA दिशानिर्देशों की भी अनदेखी है। सोसायटी ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो सक्षम न्यायालयों में सिविल और आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

प्रभावित यात्रियों की ओर से सोसायटी ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और उड्डयन मंत्री को भी विस्तृत शिकायत भेजी है। इस शिकायत में इंडिगो पर जुर्माने की मांग समेत तीन प्रमुख मांगे हैं:

पूरे मामले पर DGCA की विशेष जाँच हो

इंडिगो पर 9000 करोड़ (1 बिलियन डॉलर) का भारी जुर्माना लगाया जाए

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नए कानून बनाए जाएं

यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि उन्हें एयरलाइन या एयरपोर्ट ऑथोरिटी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इंडिगो एयरलाइंस की ओर से भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति बात करने को तैयार नहीं है। 6 दिसंबर को 11 फ्लाइट्स बिना सूचना रद्द होने पर एयरलाइन ने केवलटिकट का पैसा रिफंड कर देंगे’ कहकर पल्ला झाड़ लिया।

यात्रियों का कहना है कि रिफंड मिल भी जाए तो उनके जरूरी कामों और समय की बर्बादी का मुआवजा कौन देगा? कई यात्रियों का रिफंड बार-बार दावा करने के बावजूद अभी तक वापस नहीं किया गया है, जिसके लिए इंडिगो ‘3 से 4 दिन में रकम ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी’ का जवाब दे रही है।