छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों का प्रदर्शन आज, लंबित मांगों को लेकर जताएंगे विरोध

छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर आज अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। जिला और ब्लॉक मुख्यालयों में भोजन अवकाश के दौरान यह प्रदर्शन किया जाएगा।फेडरेशन ने सभी कर्मचारी-अधिकारियों से बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी एकता दिखाने और मांगों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की है। फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष कमल वर्मा ने बताया कि, अपनी लंबित मांगों को लेकर हमारा आंदोलन दोपहर लंच टाइम में होगा। फेडरेशन के पदाधिकारियों के अनुसार कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता (DA) एरियर्स की राशि को जीपीएफ खाते में जोड़ने की है।

इसके अलावा कर्मचारियों को 8, 16, 24 और 32 साल में चार स्तरीय समयमान वेतनमान देने और मध्यप्रदेश की तरह 300 दिन का अर्जित अवकाश नगदीकरण लागू करने की मांग भी की जा रही है। फेडरेशन ने लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई वर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग उठाई है। इसके लिए पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बात कही गई है।

साथ ही शिक्षकों को पहली नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ देने, सहायक शिक्षकों और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को समयमान वेतनमान देने की मांग भी शामिल है। प्रदर्शन में अनुकंपा नियुक्ति को बिना शर्त लागू करने, 10% की सीमा खत्म करने, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने और नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन व समयबद्ध पदोन्नति देने की मांग की जा रही है।

इसके साथ ही संविदा, दैनिक वेतनभोगी और अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने और रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की मांग भी उठाई गई है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा है कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होकर सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं।