चीन में रोबोट को काम सिखाने के लिए इंसानों की लग रही ड्यूटी, हर महीने कमा रहे 60,000 से 80,000 रुपये

आने वाले समय में रोबोट घर के काम से लेकर फैक्ट्री और सुपरमार्केट तक में इंसानों की मदद करते नजर आ सकते हैं, लेकिन इन मशीनों को काम सिखाने के लिए आज इंसानों को ही मेहनत करनी पड़ रही है. चीन में इन दिनों एक ऐसी ही अनोखी नौकरी लोगों के बीच चर्चा में है. जहां लोग कप उठाने, बोतल का ढक्कन खोलने, बर्तन धोने और फर्श साफ करने जैसे रोजमर्रा के काम करके रोबोट को ट्रेनिंग दे रहे हैं. इन लोगों को रोबोट ट्रेनर कहा जा रहा है.

इस काम में लोगों को खास तरह के सेंसर और मोशन-कैप्चर डिवाइस पहनने पड़ते हैं. इसके बाद वे कंप्यूटर पर दिए गए सजेंशन के मुताबिक बार-बार एक ही काम करते हैं. उनके हाथों और उंगलियों की हरकतों को रिकॉर्ड किया जाता है. बाद में इसी डेटा का इस्तेमाल करके रोबोट को इंसानों की तरह काम करना सिखाया जाता है. इसका मकसद ऐसी मशीनें तैयार करना है, जो रसोई, कारखानों और दुकानों में अलग-अलग काम कर सकें. चीन के सोशल मीडिया और जॉब प्लेटफॉर्म पर इस तरह की नौकरियों के विज्ञापन बढ़ रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस काम से हर महीने करीब 4,000 से 6,000 युआन यानी लगभग 600 से 900 डॉलर तक कमाए जा सकते हैं. बेरोजगार लोग और फ्लेक्सिबल काम की तलाश कर रहे यूथ इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

40 साल की लियू युन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में नौकरी छूटने के बाद उन्हें नई नौकरी मिलने में परेशानी हो रही थी. उम्र की वजह से भी उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने रोबोट ट्रेनिंग का काम शुरू किया. बीजिंग के एक स्टूडियो में वह सेंसर वाली ब्रेसलेट और उंगलियों पर चिप जैसे डिवाइस पहनकर कप उठाने और सतह साफ करने जैसे काम करती हैं. लियू के मुताबिक, ये काम रोबोट को ट्रेनिंग देने से ज्यादा किसी छोटे बच्चे को सिखाने जैसा लगता है. हालांकि, एक ही काम को बार-बार दोहराना आसान नहीं है. वहां बड़ी स्क्रीन पर कर्मचारियों की स्पीड और काम की सटीकता दिखाई जाती है. हर दिन 160 सैंपल तैयार करने का लक्ष्य होता है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले लोग 260 से ज्यादा सैंपल पूरे कर लेते हैं. लियू के लिए दिन में करीब 200 बार बर्तन धोना और टेबल साफ करना ही काफी थकाने वाला है.

वहीं, शान्शी प्रांत के 22 साल के छात्र सन ने गर्मियों की छुट्टियों में यह काम किया. वह इंटर्नशिप की तलाश में थे. उनके काम में कपड़े तह करना, झाड़ू लगाना और रोबोट के लिए हरकतों का रिकॉर्ड तैयार करना शामिल था. दिन की शिफ्ट के लिए 120 युआन और रात की शिफ्ट के लिए 135 युआन मिलते थे. लेकिन कमाई के मुकाबले शारीरिक और मानसिक थकान ज्यादा होने के कारण कई लोग कुछ ही हफ्तों में नौकरी छोड़ देते हैं. हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह काम Convenient भी है. जियांग्सू प्रांत की गुओ होंगजुआन रोज करीब छह घंटे घर से काम करती हैं. किताबें जमाना, टेबल साफ करना और सामान इधर-उधर रखना जैसे काम करके वह महीने में लगभग 4,000 युआन कमाती हैं. इससे उन्हें बच्चे की देखभाल के साथ कमाई करने का मौका मिलता है.

अब यह काम सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है. अगस्त में शेन्जेन की कंपनी फाइसेन AI ने सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर सड़क पर काम करने वाले लोगों की गतिविधियां रिकॉर्ड करने की पहल की. सड़क पर झाड़ू लगाने और गुजरती इलेक्ट्रिक बाइक जैसी परिस्थितियों से निपटने के दौरान उनकी हरकतों का डेटा जुटाया गया, ताकि रोबोट असली दुनिया के माहौल को बेहतर तरीके से समझ सकें.