CG : गबन पर बड़ा एक्शन ! 4 पूर्व सरपंचों के खिलाफ सिविल जेल वारंट, 22 लाख से ज्यादा की वसूली

रायपुर जिले में पंचायती राज अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आरंग एसडीएम ने चार पूर्व सरपंचों के खिलाफ सिविल जेल वारंट जारी किया है। कार्रवाई के दबाव में दो पूर्व सरपंचों ने 22 लाख 33 हजार 204 रुपये की बकाया राशि तत्काल जमा कर दी। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि शासकीय राशि के दुरुपयोग और अधूरे विकास कार्यों पर अब सख्ती से कार्रवाई होगी।

आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा ने ग्राम पंचायत नगरपुरा की राजकुमारी साहू, नकटा के गोपाल चतुर्वेदी, देवदा के रोशन मिश्रा और राखी की चितरेखा साहू के खिलाफ सिविल जेल वारंट जारी किया है. आदेश के अनुसार, बकाया राशि जमा नहीं करने पर अधिकतम 30 दिनों तक सिविल कारागार में रखा जा सकता है.

वारंट जारी होते ही पूर्व सरपंच गोपाल चतुर्वेदी और चितरेखा साहू ने कुल 22 लाख 33 हजार 204 रुपये की बकाया राशि जमा कर दी. इससे प्रशासन की सख्त कार्रवाई का असर तुरंत देखने को मिला.

प्रकरणों में मुक्तिधाम शेड, आंगनबाड़ी भवन, पक्की नाली, पेवर ब्लॉक सड़क, मशरूम शेड, मंदिर निर्माण, हैंडपंप, बोर खनन, सोखता गड्ढा और स्वच्छता कार्यों सहित कई विकास कार्य अधूरे पाए गए. देवदा पंचायत में बिना प्रस्ताव के 14वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन की राशि के उपयोग को लेकर भी वसूली के आदेश जारी किए गए थे.

सभी संबंधित पूर्व सरपंचों को कारण बताओ नोटिस दिए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वारंट जारी किया गया. प्रशासन का कहना है कि शासकीय राशि के दुरुपयोग और अधूरे कार्यों के मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. फिलहाल दो पूर्व सरपंचों ने बकाया राशि जमा कर राहत जरूर हासिल की है, लेकिन दो अन्य के खिलाफ सिविल जेल वारंट प्रभावी है. प्रशासन की यह कार्रवाई पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा संदेश मानी जा रही है.