मुंबई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रोटेस्ट, मंच पर पहुंचे सिंगर विशाल ददलानी
मुंबई, दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है. अलग-अलग विपक्षी दल, छात्र संगठन और सामाजिक संगठन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को प्रोटेस्ट कर रहे हैं. आप नेताओं समेत 700 लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
चुनाव आयोग और SIR को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. आज गांधी जयंती के दिन दिल्ली से मुंबई तक प्रदर्शन हो रहे हैं. अलग-अलग विपक्षी दल, छात्र संगठन और सामाजिक संगठन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA समेत कई संगठन प्रदर्शन के लिए पहुंचे. हालांकि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है. पुलिस ने प्रदर्शन करने पहुंचे आप नेता संजय भारद्वाज, आतिशी समेत 700 लोगों को हिरासत में ले लिया है. दरअसल, प्रदर्शन में CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग उठाई जा रही है. SIR के दौरान वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी प्रदर्शन का ऐलान किया है. पार्टी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है. CJP की ओर से देशभर में आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है. मुंबई से शुरू होकर यह प्रदर्शन दूसरे राज्यों में भी होगा. वहीं INDIA ब्लॉक भी आज 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर के जिलों में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालेंगे. इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च करेंगे.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके मुंबई के आजाद पार्क प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ जैसे नारे लगाए.
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई में CJP के प्रदर्शन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मुंबई लोकतंत्र को वापस हासिल करने के लिए आगे आ रहा है और लोगों से CJP के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की.
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने लोगों का वोट और आवाज छीन ली है और इन्हें वापस हासिल करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन राजनीतिक नहीं बल्कि देश, लोकतंत्र, वोट और संविधान से जुड़ा है. आदित्य ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि ‘गद्दार ज्ञानेश’ को जाना चाहिए.
