‘यह जीत सबसे अलग…’, BMC में बड़ी जीत के बाद CM फडणवीस ने BJP प्रदेश अध्यक्ष से फोन पर की बात
मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक जीत के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी. मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान पार्टी संगठन को मजबूती से संभालने और चुनावी रणनीति को सफल बनाने के लिए चव्हाण की जमकर सराहना की. फडणवीस ने कहा कि बीएमसी की यह जीत अब तक की सभी चुनावी जीतों से अलग और विशेष है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जल्द ही मुंबई स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय का दौरा करेंगे, जहां उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया जाएगा. इस दौरान वे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और इस ऐतिहासिक सफलता के लिए उन्हें बधाई देंगे.
मुंबई का जनादेश महायुति गठबंधन के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है. करीब तीन दशकों से बीएमसी पर चला आ रहा ठाकरे परिवार का वर्चस्व इस चुनाव में टूट गया. भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 118 सीटों पर जीत दर्ज की. इनमें से भाजपा अकेले 118 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 28 सीटों पर आगे चल रही है.
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के लिए यह चुनाव निराशाजनक रहा. पार्टी फिलहाल 65 सीटों पर सिमटी हुई है. वर्ष 2017 के बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा 82 सीटों पर रही थी. आठ साल के भीतर शिवसेना (यूबीटी) को 19 सीटों का नुकसान झेलना पड़ा है.
बीएमसी चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) भी कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सकीं. एनसीपी (एसपी) अपना खाता तक नहीं खोल पाई, जबकि मनसे 8 सीटों पर आगे चल रही है. अजित पवार गुट की एनसीपी को 3 सीटों पर बढ़त मिली है.
कांग्रेस, जिसने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ा था, फिलहाल 15 सीटों पर आगे है. कुल मिलाकर, बीएमसी के नतीजों ने मुंबई की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया है और यह साफ संकेत दिया है कि शहरी महाराष्ट्र में सत्ता का संतुलन अब निर्णायक रूप से भाजपा और महायुति गठबंधन के पक्ष में झुक चुका है.
