देश के कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद, रेस्टोरेंट संचालक बोले- बढ़ी हुई कीमत देने को भी तैयार, फिर भी गैस नहीं
भारत में कुकिंग गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसके चलते मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस रोक की वजह से घरेलू बाजार में गैस की किल्लत शुरू हो गई है। रेस्टोरेंट्स और होटलों के बंद होने की नौबत आ गई है। छोटे होटल और भोजनालय चलाने वालों ने सरकार से कहा है कि सप्लाई बहाल की जाए, क्योंकि इससे लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी है। भारत में आने वाली LPG की ज्यादातर खेप ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते आती है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई जंग की वजह से ये रास्ता ब्लॉक हो गया है। इसी कारण इस रास्ते से भारत समते दुनिया में होने वाली सप्लाई ठप पड़ गई है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते होने वाली गैस सप्लाई के प्रभावित होने के बाद केंद्र सरकार ने ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट, 1955’ लागू कर दिया है। देश में नेचुरल गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए ऐसा किया है।
चार कैटेगरी में बंटेगी गैस
पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई): इसमें आपके घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में डलने वाली CNG आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी।
दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है।
तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी।
चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी।
