भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पहला मेडल, झंडू कुमार को पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पहला मेडल जीत लिया है। बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 190 किलोग्राम की बेस्ट लिफ्ट के साथ 130.9 अंक हासिल किए। इससे पहले पुरुष और महिला लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत मेडल से चूक गया था। वहीं बॉक्सिंग में जादुमणि सिंह ने जीत के साथ राउंड ऑफ-16 में जगह बनाई। लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
28 साल के झंडू कुमार ने ग्रुप-बी से खेलते हुए पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाया। इससे उन्हें 130.9 अंक मिले। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाकर बर्मिंघम 2022 का गेम्स रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उनका स्कोर ब्रॉन्ज मेडल के लिए पर्याप्त रहा। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर जीता।
A spectacular performance by Jhandu Kumar, who has opened India’s medal tally at the #CWG2026 by winning a Bronze in the Men’s Heavyweight Para Powerlifting event! Congratulations to him. His achievement is a powerful reflection of immense strength, unwavering determination and… pic.twitter.com/kMdkU6RRAF
— Narendra Modi (@narendramodi) July 25, 2026
बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में झंडू कुमार बचपन से पोलियो से प्रभावित थे। परिवार की मदद के लिए उन्होंने सड़क किनारे पिता के साथ आलू-प्याज बेचे और कोविड के दौरान ई-रिक्शा चलाकर रोजी-रोटी कमाई। अब वही खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल जीत चुका है।
2023 में नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने अपना ई-रिक्शा तक बेच दिया। पहली बार में कोई सफल लिफ्ट नहीं लगा सके, लेकिन उनकी प्रतिभा पर पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट राजिंदर सिंह राहेलू की नजर पड़ी। इसके बाद SAI सेंटर में ट्रेनिंग मिली और करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया।
2017 में पैरा एथलेटिक्स से शुरुआत करने वाले जंडू ने बाद में पावरलिफ्टिंग को चुना। नेशनल रिकॉर्ड बनाया, वर्ल्ड कप और एशियन-ओशिनिया चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीता।
