कंपनी ने प्रेग्नेंट कर्मचारी को नहीं दिया वर्क फ्रॉम होम, 200 करोड़ का देना पड़ेगा जुर्माना, क्या है मामला?
अमेरिका में एक कंपनी पर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। यह पैसे कंपनी को अपनी उस महिला कर्मचारी को देने होंगे, जिसे उसने वर्क फ्रॉम होम देने से मना कर दिया था। महिला गर्भवती थी और डॉक्टर ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के कारण उसे ज्यादा से ज्यादा आराम करने को कहा था। इस कारण महिला ने अपनी कंपनी से वर्क फ्रॉम होम मांगा था और कंपनी से इससे इनकार कर दिया था। बाद में महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया था और जन्म के कुछ ही घंटे बाद बच्ची की मौत हो गई थी। महिला ने कंपनी पर केस कर दिया था और अब कंपनी को जुर्माने के तौर पर 22.5 मिलियन डॉलर चुकाने पड़ेंगे।
मामला फरवरी 2021 का है। चेल्सी वॉल्श अमेरिका के ओहायो राज्य में टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स में काम करती थीं। वह हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में थीं और डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने 15 फरवरी को कंपनी से वर्क फ्रॉम होम मांगा था। कंपनी ने इससे इनका करते हुए कहा कि वह या तो ऑफिस आकर काम करें या फिर बिना वेतन की छुट्टी पर चली जाएं। बिना वेतन की छुट्टी पर जाने का मतलब इनकम और हेल्थ कवरेज का नुकसान था और चेल्सी ऐसा नहीं चाहती थीं। 22 फरवरी को चेल्सी ने ऑफिस जाकर काम शुरू किया। 24 फरवरी को उन्हें लेबर पेन शुरू हो गया और । इसके बाद उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसकी कुछ ही घंटों बाद मौत हो गई।
यह एक प्रीमैच्योर डिलीवरी थी, जो 18 हफ्ते पहले हो गई थी। उन्होंने कंपनी पर मुकदमा कर दिया और उसे बच्ची की मौत का जिम्मेदार बताया। जूरी ने भी उनकी दलील को सही माना और 25 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने को कहा। बाद में रकम 22.5 मिलियन डॉलर तय की गई।
