धरना vs धरना… भोपाल, जयपुर, पटना में भिड़े कांग्रेस-बीजेपी के कार्यकर्ता
देश में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा घोटालों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब दिल्ली से निकलकर पूरे देश में फैल गया है. जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब देश के कई राज्यों में फैल चुका है. छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों के साथ अब कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी इसमें शामिल हो गए हैं. संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसमें राहुल गांधी को भी हिरासत में लिया गया. इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल और गरम हो गया है.
दिल्ली के अलावा पटना, भोपाल, लखनऊ, मुंबई, अहमदाबाद समेत कई शहरों में बुधवार दोपहर को प्रदर्शन हुआ. पटना की सड़कों पर तो बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर भिड़ गए. इस दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई.
बता दें कि आंदोलन की शुरुआत जंतर-मंतर से हुई थी, लेकिन बीते कुछ दिनों में इसका दायरा कई राज्यों तक पहुंच गया. सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की. पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद कई जगह धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज हुआ. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया. सोशल मीडिया पर घायल छात्रों की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, जिससे देशभर में बहस छिड़ गई.
इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर विरोध को दबाने का आरोप लगाया. राहुल गांधी समेत पार्टी के कई बड़े नेता प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरे. दिल्ली में विरोध के दौरान राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया. सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है.
संसद के मानसून सत्र में भी यह मुद्दा गूंजा. विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों को मोहरा बनाने का आरोप लगाया. दिल्ली के बाहर भी प्रदर्शन तेज हुए. अहमदाबाद में करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन अब भी जारी है और आयोजकों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन न रोकने की बात कही है.
