CG : प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण, बीमार-गरीब टारगेट, हिंदू संगठन बोले-चमत्कार दिखाकर लोगों को फंसाया जा रहा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कल रविवार को ईसाई समाज के प्रार्थना सभा के दौरान जमकर बवाल हुआ। हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद 22 लोगों को पुलिस थाने ले गई। पूछताछ के बाद पास्टर समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा के दौरान गरीब और बीमार लोगों को चमत्कारी दवाओं और प्रार्थनाओं के नाम पर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष बलराम गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन का खेल चल रहा था। उनका कहना था कि सभा में 40-50 हिंदू समाज के लोग थे। इन लोगों को चमत्कार दिखाकर धर्मांतरण के लिए उकसाया जा रहा था। गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ईसाई समाज के लोग अब हिंदू घरों को भी चर्च में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जैसे गुंडरदेही के ग्राम माहुद बी में एक घर के बाहर ‘बेटन हैन चर्च’ लिखा हुआ था। यह सब देखते हुए, उन्होंने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, शिकायत के बाद गुंडरदेही थाना की पुलिस ने 22 लोगों को थाने ले गई। इन लोगों में 8 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल थीं। सभी को SDM न्यायालय में पेश किया गया। यहां 8 लोगों को दोषी करार कर जेल भेजा गया। वहीं बाकी सभी से पूछताछ जारी है।
वहीं, बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति और सास पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया। महिला का कहना था कि उसका पति पिछले दो-तीन साल से उसे क्रिश्चियन धर्म अपनाने के लिए परेशान कर रहा था। उसे मूर्तियों की पूजा करने के बजाय प्रार्थना करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने महिला की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम सुकुलकारी में भी प्रार्थना सभा के नाम पर धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया। यहां हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सभा में हिंदू समाज की महिलाओं और बच्चों को बुलाकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था।
